छह पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने किया फेरबदल, महिलाओं की सुरक्षा और खाकी की साख बहाल करना राजेश टुडू के सामने बड़ी चुनौती
सरायकेला : जिस थाने की चौखट पर एक पीड़ित महिला इंसाफ की उम्मीद लेकर पहुंची थी, उसी थाने के भीतर उसके साथ कथित दुष्कर्म की शर्मनाक घटना ने पूरे पुलिस महकमे को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सुरक्षा का भरोसा देने वाली खाकी जब खुद सवालों के घेरे में आ जाए, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। गम्हरिया थाना परिसर में हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने सख्त रुख अपनाते हुए थाना स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। रविवार को इंस्पेक्टर राजेश टुडू ने नए थाना प्रभारी के रूप में पदभार संभाल लिया। इस दौरान एसपी मनोज स्वर्गीयारी भी मौजूद रहे।
थाने में शर्मनाक घटना, छह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई…..
मामला घरेलू विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़िता शिकायत लेकर गम्हरिया थाना पहुंची थी, जहां एक पुलिसकर्मी पर उसके साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा। थाने के भीतर हुई इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया है। वहीं, आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के जरिए पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि विभाग के भीतर अनुशासनहीनता और गंभीर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नई जिम्मेदारी, सबसे बड़ी चुनौती खाकी पर भरोसा लौटाना……
रविवार को पदभार संभालने के बाद नए थाना प्रभारी राजेश टुडू ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध पर नियंत्रण और विशेष रूप से महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, राजेश टुडू के सामने चुनौती सिर्फ अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है। उन्हें उस पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता भी दोबारा कायम करनी होगी, जिस पर थाने के भीतर हुई घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ितों को न्याय का भरोसा दिलाना और महिलाओं के मन से पुलिस के प्रति भय दूर करना नए थाना प्रभारी के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
एसपी का सख्त संदेश : वर्दी कानून से ऊपर नहीं……
एसपी मनोज स्वर्गीयारी के इस फेरबदल को पुलिस महकमे में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कार्रवाई से साफ संदेश देने की कोशिश की गई है कि वर्दी की आड़ में मनमानी करने या अपने कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही बरतने वालों को संरक्षण नहीं मिलेगा. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस थाने में इंसाफ मांगने पहुंची महिला के साथ ऐसी शर्मनाक घटना हुई, वहां आम महिलाओं का भरोसा दोबारा कैसे कायम होगा? नई तैनाती और विभागीय फेरबदल अपनी जगह हैं, लेकिन असली परीक्षा तब होगी, जब गम्हरिया थाना पीड़ितों के लिए भय नहीं, बल्कि न्याय और सुरक्षा का भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरेगा।



