जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्पा सेंटरों की आड़ में कथित देह व्यापार के एक संगठित नेटवर्क के संचालन का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा रही थी। मसाज और स्पा सेवाओं के नाम पर ग्राहकों को आकर्षित किया जाता था, जबकि पर्दे के पीछे कथित तौर पर अवैध गतिविधियों का नेटवर्क संचालित हो रहा था।



ऑनलाइन पूछताछ के बाद शुरू होता था संपर्क…..
सूत्रों के अनुसार विभिन्न ऑनलाइन ऐप और प्लेटफॉर्म पर स्पा एवं मसाज सेवाओं का प्रचार किया जाता था। ग्राहक द्वारा जानकारी लेने या संपर्क करने पर उसका मोबाइल नंबर नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंच जाता था। इसके बाद व्हाट्सएप समेत अन्य मैसेजिंग माध्यमों से ग्राहकों को फोटो, लोकेशन और कथित रेट संबंधी जानकारी भेजी जाती थी. बताया जा रहा है कि अलग-अलग श्रेणी की सेवाओं के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित थे। नेटवर्क से जुड़े लोग होटल, फ्लैट और अन्य स्थानों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा भी करते थे।
कई राज्यों तक फैला होने का दावा……
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित नेटवर्क का दायरा केवल जयपुर तक सीमित नहीं था। संचालकों द्वारा विभिन्न राज्यों और बड़े शहरों में संपर्क होने का दावा किया जाता था। ग्राहकों की पसंद और बजट के अनुसार व्यवस्था उपलब्ध कराने की बात कही जाती थी. सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में होटल बुकिंग से लेकर पूरी रात की सेवाओं तक के पैकेज ऑफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके लिए अलग-अलग शुल्क वसूले जाने की बात जांच में सामने आई है।
बातचीत में कई चौंकाने वाले दावे……
जांच के दौरान हुई बातचीत और उपलब्ध जानकारियों में संचालकों द्वारा हाई-प्रोफाइल प्रोफाइल, मॉडल्स और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध कराने जैसे कई दावे किए गए। ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए फोटो और अन्य विवरण भी साझा किए जाते थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के कारण इस प्रकार के नेटवर्क लोगों तक आसानी से पहुंच बना लेते हैं। वहीं साइबर माध्यमों के जरिए संचालित होने के कारण ऐसे मामलों की जांच भी अधिक जटिल हो जाती है।
पुलिस और एजेंसियों की नजर……
मामले के सामने आने के बाद पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों ने ऐसे ऑनलाइन नेटवर्क पर नजर रखना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन सेवा, लिंक या ऑफर से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस और संबंधित एजेंसियों को देने का आग्रह किया गया है।



