जमशेदपुर : मानगो में बालिगुमा जलापूर्ति योजना को लेकर विधायक और नगर निगम के बीच श्रेय लेने की राजनीति खुलकर सामने आ गई है। कि वहीं दूसरी ओर विधायक फंड से होने वाले कार्यों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। एक तरफ विधायक द्वारा विधायक निधि के कार्य नगर निगम से नहीं कराने के फैसले की चर्चा है, तो दूसरी ओर नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ती खींचतान से विकास कार्य प्रभावित होते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपसी विवाद और राजनीतिक टकराव के कारण मानगो के कई जरूरी कार्य धीमे पड़ गए हैं।लगातार सामने आ रहे विवादों के बाद ऐसा लगने लगा है कि श्रेय लेने की राजनीति और आपसी तनातनी में मानगो का विकास कहीं रुक सा गया है।



इस पूरे मामले पे सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने कहा है की पानी जैसी मूलभूत सुविधा पर राजनीति होना दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्षों से लोग जल संकट झेल रहे हैं और अब जब योजना धरातल पर उतर रही है तो उसका मुख्य उद्देश्य जनता तक जल्द और बेहतर तरीके से पानी पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को श्रेय की राजनीति नहीं बल्कि अपने घर तक पानी चाहिए।
विकास कार्यों में राजनीति नहीं बल्कि समन्वय और पारदर्शिता सबसे अधिक जरूरी है। उन्होंने कहा कि विधायक फंड हो, नगर निगम फंड हो या किसी अन्य सरकारी एजेंसी की योजना, सभी का उद्देश्य जनता को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। यदि जनप्रतिनिधि,नगर निगम और प्रशासन आपसी सहयोग के साथ कार्य करें तो मानगो क्षेत्र में विकास की गति कई गुना बढ़ सकती है।
सौरभ विष्णु ने कहा कि आज मानगो की सबसे बड़ी आवश्यकता बेहतर सड़क, जलनिकासी, साफ-सफाई, पीने का पानी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है। जनता यह नहीं देखती कि काम किस विभाग ने कराया, बल्कि यह देखती है कि काम समय पर हुआ या नहीं और उसकी गुणवत्ता कैसी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक टकराव का सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ता है, जिसका नुकसान अंततः आम जनता को उठाना पड़ता है। विधायक निधि और नगर निगम फंड से होने वाले कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, लेकिन इसके साथ-साथ विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल भी आवश्यक है। यदि किसी विभाग में कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल हैं तो उसमें सुधार होना चाहिए, लेकिन विकास योजनाओं को राजनीतिक विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है।
मानगो क्षेत्र लगातार बढ़ती आबादी और बुनियादी समस्याओं के दबाव से जूझ रहा है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभागों को मिलकर एक दीर्घकालिक विकास मॉडल तैयार करना चाहिए ताकि भविष्य में बार-बार ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न न हों।साथ ही योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और सार्वजनिक जानकारी भी जरूरी है ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।
सौरभ विष्णु ने बताया की , “मैं भी इसी क्षेत्र में रहता हूं। मैं भी चाहता हूं कि मानगो सुंदर, व्यवस्थित और विकसित बने। मानगो में रहने वाले लोग भी यही चाहते हैं कि यहां बेहतर सड़क, पानी, सफाई और सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। विकास किसी एक व्यक्ति या दल का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और यहां रहने वाली जनता का होना चाहिए।”



