सौरभ कुमार, जादूगोड़ा
लोकतंत्र सवेरा/जादूगोड़ा : जादूगोड़ा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को बट सावित्री पूजा श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाई गई। सुबह से ही गांवों के बरगद पेड़ों और मंदिर परिसर में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पारंपरिक वेशभूषा में सजी विवाहित महिलाओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली की कामना की।



जादूगोड़ा कॉलोनी स्थित शिव मंदिर समेत विभिन्न पूजा स्थलों पर भक्तिमय माहौल देखने को मिला। महिलाएं समूह बनाकर पूजा स्थलों तक पहुंचीं और बरगद के पेड़ की परिक्रमा कर धागा बांधा। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा संपन्न की, वहीं लोकगीतों और पारंपरिक गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों में बट सावित्री पूजा को आस्था, विश्वास और पारिवारिक संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। महिलाओं ने बताया कि यह पर्व केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि परिवार की एकता, प्रेम और दांपत्य संबंधों की मजबूती का प्रतीक भी है। मान्यता के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप, प्रेम और अटूट संकल्प से अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाए थे। इसी कथा से प्रेरित होकर विवाहित महिलाएं यह व्रत रखती हैं।
बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि यह पर्व वर्षों से गांव की परंपरा और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। बदलते समय के बावजूद इसकी महत्ता आज भी बरकरार है। खास बात यह रही कि नई पीढ़ी की महिलाएं भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ पूजा में शामिल हुईं, जिससे ग्रामीण संस्कृति और परंपराएं जीवंत बनी हुई हैं।



