अपराध और सड़क हादसों पर रोक के लिए सरकार तत्काल ठोस कदम उठाए : अप्पू तिवारी
जमशेदपुर : शहर में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं और सड़क हादसों को लेकर आजसू ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आजसू जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने कहा कि घटनाओं की लगातार पुनरावृत्ति शहर की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार को जिम्मेदारी तय करते हुए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

अप्पू तिवारी ने कहा कि एक ओर सड़क दुर्घटनाओं में लगातार युवाओं की जान जा रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र गोलमुरी बाजार में दिनदहाड़े बैंक लूट की घटना ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में दिन के उजाले में इस तरह की वारदात होना पुलिस की पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने सवाल किया कि पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था कहां है? हाईवे और प्रमुख सड़कों पर हादसे के बाद घायलों तक तत्काल पहुंचने वाली एंबुलेंस व्यवस्था कितनी प्रभावी है? दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले और हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके, इसके लिए प्रशासन की स्थायी कार्ययोजना क्या है?
आजसू जिला प्रवक्ता ने कहा कि सरकारी योजनाओं और घोषणाओं का वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा, जब उसका असर जमीन पर दिखाई दे। केवल कागजों पर योजनाएं बनाने से आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती। सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण, पुलिस पेट्रोलिंग और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को स्पष्ट और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करनी होगी।
उन्होंने सड़क हादसों में जान गंवाने वाले युवाओं के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि किसी परिवार के जवान बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत केवल उस परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। सरकार और प्रशासन को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे हादसों की पुनरावृत्ति पर प्रभावी रोक लग सके. अप्पू तिवारी ने मांग की कि शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर यातायात सुधार किए जाएं तथा हाईवे पर आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को प्रभावी बनाया जाए. उन्होंने कहा कि जनता को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सुरक्षित शहर के लिए जमीन पर दिखाई देने वाली ठोस कार्रवाई चाहिए।
