जमशेदपुर : ₹2,000 से अधिक के UPI मर्चेंट लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाए जाने के प्रस्ताव का Johar Janasevak Party के अध्यक्ष एवं National Executive Chairman, Human Rights डॉ. जी. जयराम दास ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से इस प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

डॉ. जयराम दास ने कहा कि UPI देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला बन चुका है। ऐसे में ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट लेनदेन पर MDR लगाने का प्रस्ताव छोटे कारोबारियों, दुकानदारों और कम मार्जिन पर व्यवसाय करने वाले व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकता है. उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी और MSME क्षेत्र के कारोबारी डिजिटल भुगतान पर निर्भर हैं। ऐसे में लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से उनके कारोबार की लागत बढ़ने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि यह प्रस्ताव देश के 8 करोड़ से अधिक व्यापारियों के हितों को प्रभावित कर सकता है।
डॉ. जयराम दास ने केंद्र सरकार से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव की समीक्षा करने और UPI को कम लागत वाली डिजिटल भुगतान व्यवस्था के रूप में बनाए रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने के बजाय यदि अतिरिक्त शुल्क का बोझ बढ़ाया गया तो इसका असर डिजिटल लेनदेन की स्वीकार्यता पर भी पड़ सकता है. उन्होंने वित्त मंत्रालय से व्यापारिक संगठनों और छोटे कारोबारियों के प्रतिनिधियों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही इस संबंध में कोई निर्णय लेने की अपील की।
