मुजफ्फरपुर : जरा सोचिए, जिस शख्स को परिवार चार साल से मृत समझकर उसके गम में जी रहा हो, वही अचानक एक दिन आपके सामने जिंदा खड़ा हो जाए। खुशी, हैरानी और सवालों से भरा ऐसा पल शायद ही कोई परिवार कभी भूल पाए। बिहार के मुजफ्फरपुर से सामने आया एक मामला कुछ ऐसा ही है, जहां जिस युवक की हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस करीब चार साल से जांच कर रही थी, वही युवक अचानक पुलिस के सामने पहुंच गया। इसके बाद पूरे मामले की कहानी ही बदल गई।

घर से निकला, फिर कभी नहीं लौटा……
मामला देवरिया थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र निवासी सोनू कुमार करीब चार साल पहले अपने घर से 50 हजार रुपये लेकर पटना जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा. काफी समय तक सोनू का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। जब हर कोशिश के बावजूद उसका पता नहीं चला तो उसके भाई धीरज प्रसाद श्रीवास्तव ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
WhatsApp पर आया ऑडियो और तस्वीर, परिवार के उड़ गए होश…….
मामले में उस समय सनसनी फैल गई, जब सोनू के WhatsApp नंबर से परिवार के पास एक ऑडियो और तस्वीर भेजी गई। ऑडियो में कथित तौर पर बताया गया कि कुछ बदमाशों ने सोनू से रुपये लूटने के बाद उसकी हत्या कर दी है. इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने सोनू की तलाश के साथ मामले से जुड़े सुराग जुटाने की कोशिश की, लेकिन करीब चार साल तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी।
युवती के अपहरण की जांच में खुला राज……
मामले में नया मोड़ तब आया, जब पुलिस को थावे थाना क्षेत्र में एक युवती के अपहरण की सूचना मिली। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को इस मामले के तार सोनू से जुड़े होने की जानकारी मिली. पुलिस के अनुसार, सोनू ने प्रेम प्रसंग के चलते अपनी मौत की झूठी कहानी रची थी। आरोप है कि उसने अपनी मौत का फर्जी मामला तैयार किया और युवती को अपने साथ लेकर दूसरे राज्य चला गया।
पुलिस को पीछे आता देख खुद थाने पहुंचा……
पुलिस के मुताबिक, जब सोनू को जानकारी हुई कि पुलिस उस तक पहुंचने वाली है और उसकी तलाश की जा रही है, तो वह अचानक देवरिया थाना पहुंच गया. चार साल से जिस युवक को मृत मानकर हत्या के मामले की जांच चल रही थी, उसे जिंदा देखकर पुलिस भी मामले की नई दिशा में जांच में जुट गई।
अब नए सिरे से होगी पूरे मामले की जांच……
पूछताछ में सोनू ने कथित तौर पर अपनी मौत की झूठी कहानी रचने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब पूरे मामले की नए सिरे से जांच कर रही है। साथ ही सोनू की कथित साजिश और युवती से जुड़े पूरे घटनाक्रम की भी पड़ताल की जा रही है. चार साल तक जिस ‘मौत’ की गुत्थी पुलिस सुलझाने में जुटी रही, उसका ‘मृतक’ ही जब जिंदा थाने पहुंचा तो मामला हत्या से निकलकर फर्जी मौत की साजिश की कहानी में बदल गया।
