पटना/गया : मोक्षधाम गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालु पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करेंगे। त्रैपाक्षिक श्राद्ध करने वालों के धार्मिक अनुष्ठान 11 अक्टूबर तक जारी रहेंगे. श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन करीब 70 हजार लोगों के आवासन की व्यवस्था कर रहा है। गांधी मैदान में 2,500 बेड की टेंट सिटी तैयार की जा रही है। इसके अलावा स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य, परिवहन और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

73 स्वास्थ्य शिविर, 125 डॉक्टर तैनात……
मेला क्षेत्र में 73 स्वास्थ्य शिविर बनाए जाएंगे, जहां 125 डॉक्टर और 178 पैरामेडिकल कर्मी तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए 50 रिंग बस और 150 ई-रिक्शा निशुल्क चलाने की तैयारी है। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को पिंडवेदी तक पहुंचाने में स्वयंसेवक सहायता करेंगे. स्वच्छता व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र को पांच जोन और 54 सेक्टर में बांटा गया है। पेयजल के लिए चापाकल, प्याऊ, नल और वाटर टैंकर की व्यवस्था की जा रही है। प्रमुख घाटों पर एसडीआरएफ की तैनाती के साथ 24 घंटे कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन भी संचालित होगी।
25 सितंबर से शुरू होंगे अलग-अलग कर्मकांड……
25 सितंबर को पुनपुन में पिंडदान से कर्मकांड की शुरुआत होगी। इसके बाद 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक गयाजी के विभिन्न पिंडवेदी स्थलों पर निर्धारित तिथियों के अनुसार श्राद्ध और पिंडदान होंगे। 10 अक्टूबर को अमावस्या के दिन अक्षयवट में श्राद्ध और पितृ विसर्जन के साथ सामान्य श्रद्धालुओं के पितृपक्ष अनुष्ठान का समापन होगा। त्रैपाक्षिक श्राद्ध करने वालों के लिए 11 अक्टूबर को गायत्री घाट पर अंतिम कर्मकांड होगा. प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना है। साथ ही विष्णुपद मंदिर के आसपास कॉरिडोर और आधुनिक धर्मशाला जैसी दीर्घकालिक योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
