जमशेदपुर : दुख की घड़ी में जरूरतमंदों का सहारा बनना ही सच्ची समाजसेवा है। इसी मानवीय भावना के साथ पूर्वी विधानसभा के पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी एवं समाजसेवी शिव शंकर सिंह ने आगलगी की घटना में अपना आशियाना गंवा चुकीं शकुंतला देवी की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। गोलमुरी थाना क्षेत्र के केबल बस्ती, लाइन नंबर-3 में बुधवार, 28 अक्टूबर को लगी भीषण आग में शकुंतला देवी का खपड़ैल मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया था। इस हादसे ने उनके सिर से छत छीन ली और घर का सारा सामान भी नष्ट हो गया। पीड़ित महिला की दर्दभरी कहानी सामने आने के बाद शिव शंकर सिंह ने उन्हें तत्काल 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और आगे भी हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया।
### पति और इकलौते बेटे को खोने का दर्द, अब आग ने छीन लिया सिर से छत………
शकुंतला देवी की जिंदगी लंबे समय से संघर्षों के बीच गुजर रही है। कुछ वर्ष पहले उनके पति का निधन हो गया था। पति के जाने के बाद उन्होंने किसी तरह खुद को संभालने और जिंदगी को आगे बढ़ाने की कोशिश की। उनका इकलौता बेटा ही उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा और उम्मीद था, लेकिन करीब छह महीने पहले उसकी भी मृत्यु हो गई। पति और बेटे को खोने का गम अभी कम भी नहीं हुआ था कि आगलगी की इस घटना ने उनकी जिंदगी को एक बार फिर गहरे संकट में डाल दिया. 28 अक्टूबर को केबल बस्ती लाइन नंबर-3 स्थित उनके खपड़ैल मकान में आग लगने से घर पूरी तरह जलकर राख हो गया। घर का सामान नष्ट होने के बाद शकुंतला देवी के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। जिंदगी के एक के बाद एक दुखों से जूझ रही इस महिला के लिए अब दोबारा अपना घर और जीवन संवारना किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है।
### पीड़िता का दर्द जानकर मदद को आगे आए शिव शंकर सिंह…….
इस घटना की जानकारी मिलने पर पूर्वी विधानसभा के पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी एवं समाजसेवी शिव शंकर सिंह ने पीड़ित महिला की मदद की पहल की। उन्होंने शकुंतला देवी को तत्काल 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देकर मुश्किल समय में उन्हें संबल देने का प्रयास किया। साथ ही, उन्होंने भविष्य में भी हर संभव सहयोग करने का भरोसा दिलाया. शिव शंकर सिंह की इस पहल से आपदा की मार झेल रही शकुंतला देवी को कुछ आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद जगी है। ऐसे समय में, जब एक महिला अपने परिवार के सदस्यों को खोने के बाद आगलगी की त्रासदी से जूझ रही हो, तब उसके दुख को समझना और उसकी सहायता के लिए आगे आना सामाजिक संवेदनशीलता का परिचायक है।
### राजनीति से परे, जरूरतमंदों के साथ खड़े होने की पहल……..
समाजसेवा का वास्तविक अर्थ केवल मंचों से लोगों की मदद की बात करना नहीं, बल्कि जरूरत के समय पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनके दुख-दर्द को समझना और यथासंभव सहायता करना है। शिव शंकर सिंह द्वारा शकुंतला देवी को आर्थिक सहयोग देना इसी भावना से जुड़ी एक सराहनीय पहल है।
आगलगी की घटना ने शकुंतला देवी से उनका आशियाना छीन लिया, लेकिन ऐसे कठिन समय में मिला सहयोग उन्हें दोबारा खड़े होने की हिम्मत दे सकता है। 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और आगे भी मदद का भरोसा पीड़ित महिला के लिए एक महत्वपूर्ण संबल है. शिव शंकर सिंह की यह पहल संदेश देती है कि समाज की असली ताकत आपसी सहयोग, संवेदना और मानवता में निहित है। जब किसी जरूरतमंद पर दुखों का पहाड़ टूटता है, तब उसके साथ खड़े होकर उसे सहारा देना ही सच्ची समाजसेवा है।


