पंडित सलील भट्ट की सात्त्विक वीणा और कौशिक कोंवर की तबला जुगलबंदी ने विद्यार्थियों को कराया भारतीय शास्त्रीय संगीत से साक्षात्कार
जमशेदपुर : केरला पब्लिक स्कूल, गम्हरिया में कक्षा एक से दसवीं तक के छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इसी अवसर पर स्पिक मैके (सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंगस्ट यूथ) के सहयोग से सात्त्विक वीणा वादन का भव्य एवं आत्मीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने पूरे विद्यालय परिसर को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर कर दिया।



कार्यक्रम में प्रख्यात कलाकार पंडित सलील भट्ट (सात्त्विक वीणा) एवं तबला वादक कौशिक कोंवर ने अपनी प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी जुगलबंदी ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराई से परिचित कराया।
इस मौके पर सहायक निदेशक शांता वैद्यनाथन की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि स्पिक मैके के अधिकारी राजीव रंजन ने आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विद्यालय की प्रधानाचार्या रश्मि सिन्हा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।
सत्र की शुरुआत कलाकारों और विद्यार्थियों के बीच रोचक संगीतमय संवाद से हुई, जिससे माहौल जीवंत हो उठा। सात्त्विक वीणा की मधुर ध्वनि और तबले की सटीक लय ने ऐसा समां बांधा कि सभी श्रोता भाव-विभोर हो गए।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए सात्त्विक वीणा की उत्पत्ति और तबले की जटिल लयों को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका कलाकारों ने सहजता से उत्तर दिया. यह आयोजन केवल सांगीतिक प्रस्तुति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास, सांस्कृतिक समझ और संवेदनशीलता को बढ़ाने का सशक्त माध्यम बना।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने कलाकारों और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया. केपीएस गम्हरिया में आयोजित यह स्पिक मैके कार्यक्रम शिक्षा और संस्कृति के सुंदर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा।
