पहले 60-60 सीटों पर था दाखिला, एएनएम में 50 सीटें स्वीकृत; विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जताई खुशी
जमशेदपुर : शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के अधीन संचालित नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग को बीएससी नर्सिंग और जीएनएम पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या बढ़ाकर 100-100 करने की स्वीकृति मिली है। इसके अलावा एएनएम पाठ्यक्रम के लिए 50 सीटों की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

इससे पहले संस्थान में बीएससी नर्सिंग और जीएनएम में 60-60 सीटें स्वीकृत थीं। सीटों में हुई इस वृद्धि से अब अधिक विद्यार्थियों को नर्सिंग शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, यह उपलब्धि झारखंड में नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की बढ़ती क्षमता और शैक्षणिक सुविधाओं का परिणाम है. विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि नर्सिंग क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए सीटों में यह वृद्धि महत्वपूर्ण है। इससे कोल्हान सहित झारखंड और आसपास के राज्यों के विद्यार्थियों को नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
आधुनिक सुविधाओं पर जोर….
नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं, सिमुलेशन सेंटर, पुस्तकालय और हॉस्टल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। संस्थान की ओर से विद्यार्थियों को व्यावहारिक और क्लिनिकल प्रशिक्षण देने के लिए अस्पतालों के साथ शैक्षणिक सहयोग की व्यवस्था भी की गई है. विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक प्रशिक्षण, क्लिनिकल एक्सपोजर, डिजिटल लर्निंग और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जाता है। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को नर्सिंग क्षेत्र में पेशेवर दक्षता के साथ तैयार करना है।
कुलाधिपति ने दी बधाई…..
सीटों में वृद्धि की स्वीकृति मिलने पर नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि बीएससी नर्सिंग और जीएनएम में 100-100 सीटों की स्वीकृति विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि मानव सेवा से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है। संस्थान का प्रयास ऐसे कुशल और संवेदनशील नर्सिंग पेशेवर तैयार करना है, जो देश और विदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे सकें. कुलाधिपति ने कहा कि सीटों में वृद्धि से अधिक विद्यार्थियों को अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस उपलब्धि में योगदान देने वाले नियामक संस्थानों, अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया।
नए सत्र के लिए तैयारी पूरी….
विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, बढ़ी हुई सीटों के अनुरूप संस्थान के बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। नए सत्र में अधिक विद्यार्थियों के प्रवेश को देखते हुए शैक्षणिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. बीएससी नर्सिंग, जीएनएम और एएनएम पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट अथवा विश्वविद्यालय परिसर में संपर्क कर प्रवेश प्रक्रिया और पात्रता से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि नर्सिंग शिक्षा के विस्तार के साथ राज्य को भविष्य में अधिक संख्या में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
