रांची/जमशेदपुर : झारखंड में उत्पाद सिपाही (Excise Constable) भर्ती परीक्षा में धांधली और पेपर लीक सिंडिकेट के खिलाफ रांची पुलिस अब बेहद आक्रामक मोड में है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।



विवेक सिंह को सख्त चेतावनी
चांडिल (सरायकेला-खरसावां) स्थित पारडीह निवासी और MBNS कॉलेज के डायरेक्टर विवेक सिंह से लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें अंतिम चेतावनी दी है। पुलिस ने निर्देश दिया है कि वे भर्ती नेटवर्क के अन्य सदस्यों और संदिग्धों को पकड़वाने में पुलिस का सहयोग करें, अन्यथा उनके खिलाफ “साक्ष्यों को छिपाने” और “संलिप्तता” के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि विवेक सिंह का नाम पूर्व में भी जमशेदपुर के शैक्षणिक संस्थानों में फर्जी सर्टिफिकेट रैकेट के सिलसिले में सामने आ चुका है। कोल्हान विश्वविद्यालय और जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज के कई अधिकारियों के साथ उनके पुराने संपर्कों की भी अब नए सिरे से जांच हो रही है।
तमाड़ छापेमारी और ‘बुलबुल’ की गिरफ्तारी
इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा 12 अप्रैल को तमाड़ के एक अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में हुई छापेमारी से हुआ, जहां से पुलिस ने 159 अभ्यर्थियों समेत कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान विवेक सिंह की यूपी (UP) नंबर की कार भी बरामद हुई थी, जिसे गौरव शर्मा (नर्सिंग कॉलेज मालिक) इस्तेमाल कर रहे थे।
ताजा अपडेट:
- किंगपिन की गिरफ्तारी: रांची पुलिस ने इस सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड अमृत राज उर्फ बुलबुल को बिहार के सहरसा से गिरफ्तार कर लिया है। वह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में EPFO कार्यालय में क्लर्क के पद पर तैनात था।
- 166 लोग जेल में: रांची पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 166 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
जांच के दायरे में कोल्हान के संस्थान
जांच एजेंसियां अब डिजिटल रिकॉर्ड्स, मोबाइल डेटा और पैसों के संदिग्ध लेन-देन (Money Trail) की गहनता से पड़ताल कर रही हैं। पुलिस को शक है कि कोल्हान क्षेत्र के कई रसूखदार लोग इस सिंडिकेट को पर्दे के पीछे से संरक्षण दे रहे थे। खासकर पदोन्नति और नियुक्तियों के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल वाले आरोपों ने जमशेदपुर के शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है।
निष्कर्ष : रांची पुलिस अब विवेक सिंह और गौरव शर्मा की ‘कुंडली’ के जरिए उन बड़े चेहरों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है, जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे हैं।



