जमशेदपुर। राष्ट्रीय जनता संघ के संस्थापक शंकर जोशी ने धर्म और आस्था को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि किसी भी राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि को करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं का उपयोग राजनीतिक हित साधने के लिए नहीं करना चाहिए. सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में शंकर जोशी ने कहा कि भारत विविध धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं वाला देश है, जहां प्रत्येक नागरिक अपनी आस्था का सम्मान करता है। ऐसे में धार्मिक प्रतीकों, परंपराओं और आस्था से जुड़े विषयों को राजनीतिक प्रदर्शन या विवाद का हिस्सा बनाना समाज में अनावश्यक तनाव और वैमनस्य पैदा कर सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह बयान किसी एक राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों के लिए समान रूप से है। उन्होंने कहा कि जनता अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों से विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार सृजन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों की समस्याओं के समाधान, महिलाओं की सुरक्षा तथा बुनियादी सुविधाओं के विस्तार जैसे जनहित के मुद्दों पर कार्य करने की अपेक्षा रखती है. शंकर जोशी ने कहा कि राजनीति का मूल उद्देश्य समाज और राष्ट्र का समग्र विकास होना चाहिए, न कि धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं को भड़काकर राजनीतिक लाभ प्राप्त करना। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब जनप्रतिनिधि जनता के वास्तविक मुद्दों को प्राथमिकता दें।
राष्ट्रीय जनता संघ ने सभी राजनीतिक दलों से धर्म और आस्था का सम्मान करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की गरिमा बनाए रखने तथा जनहित से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है।यह संस्करण अखबारों में प्रकाशित होने योग्य, संतुलित और पेशेवर समाचार शैली में तैयार किया गया है।
