‘सहयोग’ और रोटरी क्लब की पहल पर शहर के 15 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने मंच पर जीवंत कीं मुंशी प्रेमचंद की कालजयी रचनाएं

जमशेदपुर : बहुभाषीय साहित्यिक संस्था ‘सहयोग’ एवं रोटरी क्लब के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर नाट्य मंचन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शहर के 15 प्रतिष्ठित विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लेकर प्रेमचंद की कालजयी कहानियों का प्रभावशाली मंचन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रेमचंद के साहित्य, मानवीय मूल्यों और सामाजिक चेतना से जोड़ना तथा विद्यार्थियों में रचनात्मक एवं कलात्मक अभिरुचि का विकास करना था. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। डॉ. भारती कुमारी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि डॉ. संध्या सिन्हा ने अतिथियों एवं साहित्यप्रेमियों का स्वागत किया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियों और उपन्यासों का मंचन कर ग्रामीण जीवन, सामाजिक विषमता, दलित उत्पीड़न, स्त्री जीवन, पारिवारिक मूल्यों, ईमानदारी और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। आरएमएस हाई स्कूल ने ‘सवा सेर गेहूं’, काशीडीह हाई स्कूल ने ‘पंच परमेश्वर’, केपीएस कदमा एवं जुस्को स्कूल ने ‘ईदगाह’, केपीएस मानगो ने ‘कफन’, केपीएस गम्हरिया ने ‘दूध का दाम’, गुलमोहर हाई स्कूल ने ‘बड़े भाई साहब’, डीबीएमएस कदमा ने ‘ठाकुर का कुआं’, बारीडीह हाई स्कूल ने ‘सद्गति’, मोतीलाल पब्लिक स्कूल ने ‘नमक का दारोगा’, लोयोला स्कूल ने ‘बूढ़ी काकी’, वैली व्यू स्कूल ने ‘मंत्र’, विकास विद्यालय ने ‘बड़े घर की बेटी’, डीवीएमएस ने ‘माँ’ तथा डीएवी पब्लिक स्कूल, बिष्टुपुर ने ‘निर्मला’ का मंचन किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रोटरी क्लब (पश्चिमी जमशेदपुर) के असिस्टेंट गवर्नर प्रमोद दुबे, रोटरी क्लब की अध्यक्ष गुरप्रीत कौर भाटिया एवं सचिव ऋषि चंद्रानी उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत पौधा, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर किया गया।
अपने संबोधन में प्रमोद दुबे ने कहा कि प्रेमचंद की लेखनी सौ वर्षों बाद भी उतनी ही प्रासंगिक और प्रभावशाली है। उनकी कहानियां केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को नैतिक मूल्यों और आदर्श जीवन का संदेश देने वाली अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि ‘पंच परमेश्वर’ जैसी रचनाएं आज भी ईमानदारी और न्याय की प्रेरणा देती हैं. प्रतियोगिता का मूल्यांकन हरि मित्तल, अरुणा झा एवं कृष्णा सिन्हा ने किया। इस दौरान निर्णायक अरुणा झा ने प्रतिभागियों को अभिनय, संवाद अदायगी, वेशभूषा एवं मंच प्रस्तुति से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
प्रतियोगिता में केपीएस गम्हरिया ने ‘दूध का दाम’ के प्रभावशाली मंचन के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। केपीएस कदमा (‘ईदगाह’) द्वितीय तथा डीएवी पब्लिक स्कूल, बिष्टुपुर (‘निर्मला’) तृतीय स्थान पर रहा। श्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार विभा विकास को प्रदान किया गया, जबकि ‘दूध का दाम’ में ‘भंगी’ की भूमिका निभाने वाली बाल कलाकार को सर्वश्रेष्ठ अभिनय पुरस्कार से सम्मानित किया गया. समापन समारोह में विजेता टीमों एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिता शर्मा ने किया, जबकि रोटरी क्लब की अध्यक्ष गुरप्रीत कौर भाटिया ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर शहर के साहित्यप्रेमी, शिक्षक, अभिभावक, रोटरी क्लब एवं ‘सहयोग’ संस्था के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
