जमशेदपुर : राज्य के युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार के नए अवसर सृजित करने और सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में झारखंड सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में आज परिवहन विभाग, झारखंड सरकार और प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स के बीच जमशेदपुर में ‘इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च’ (IDTR) की स्थापना के लिए आधिकारिक तौर पर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ:
- लागत और सहभागिता: लगभग 22.03 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस संस्थान का निर्माण सहभागिता मॉडल (पीपीपी मोड) के तहत किया जाएगा। इसमें केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, झारखंड सरकार और टाटा मोटर्स (सीएसआर व तकनीकी सहयोग के तहत) अपनी सहभागिता निभा रहे हैं।
- हर साल तैयार होंगे 3000 कुशल चालक : जमशेदपुर के मनपिटा (टेल्को क्षेत्र) में बनने वाले इस आधुनिक केंद्र में हर साल लगभग 3,000 चालकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों और वैज्ञानिक तकनीकों (सिमुलेटर आदि) के आधार पर ट्रेनिंग दी जाएगी।
- रोजगार के नए अवसर : यह संस्थान युवाओं को ड्राइविंग के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और परिवहन क्षेत्र का तकनीकी प्रशिक्षण देकर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
- सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता : प्रशिक्षित और अनुशासित चालकों के तैयार होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- मुख्यमंत्री का विजन: लाइसेंस प्रक्रिया होगी सरल और पारदर्शी
इस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लाभुकों से संवाद भी किया। उन्होंने अधिकारियों को ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर इस बात पर जोर दिया कि भारी वाहन चालकों के लाइसेंस और परिवहन सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को और अधिक सुलभ बनाया जाए। साथ ही, परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की समान भागीदारी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, परिवहन सचिव राजीव रंजन, परिवहन आयुक्त संजय कुमार बेसरा समेत टाटा मोटर्स के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
