जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में बीते दो दिनों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण स्वर्णरेखा और खरकई नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों नदियां अब खतरे के निशान के बेहद नजदीक पहुंच चुकी हैं, जिससे तटीय और डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है।प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अलर्ट मोड में काम शुरू कर दिया है। नदी तटवर्ती इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और NDRF व सिविल डिफेंस की टीमें भी तैयार रखी गई हैं।
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प्रशासन की अपील:
- जिला प्रशासन द्वारा जनसाधारण से यह अपील की गई है कि:
- नदी किनारे न जाएं,
- खतरे वाले क्षेत्रों से दूर रहें,
- और आवश्यकता हो तो ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
विशेष रूप से निचले इलाकों, जैसे कि बागबेड़ा, कदमा, सोनारी, मानगो और आजादनगर के निवासियों को सतर्क रहने को कहा गया है।
बाढ़ की आशंका और तैयारियां:
- नदी के डूब क्षेत्र में स्थित बस्तियों में जल भराव की आशंका जताई जा रही है।
- संभावित खतरे को देखते हुए बाढ़ राहत केंद्रों की पहचान कर ली गई है।
- प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं, खाद्य सामग्री और बचाव उपकरण तैयार रखे गए हैं।
- स्थानीय प्रशासन क्षेत्रीय मुखियाओं और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर राहत कार्यों की रूपरेखा तैयार कर रहा है।
बाढ़ की आशंका और तैयारियां:
- नदी के डूब क्षेत्र में स्थित बस्तियों में जल भराव की आशंका जताई जा रही है।
- संभावित खतरे को देखते हुए बाढ़ राहत केंद्रों की पहचान कर ली गई है।
- प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं, खाद्य सामग्री और बचाव उपकरण तैयार रखे गए हैं।
- स्थानीय प्रशासन क्षेत्रीय मुखियाओं और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर राहत कार्यों की रूपरेखा तैयार कर रहा है।
