जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित तिलक पुस्तकालय के समक्ष हुई हिंसक घटना की टेल्को कॉलोनी मंडल कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष देबाशीष घोष ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध-प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा, महिलाओं के साथ अभद्रता, लाठी चलाने और पथराव जैसी घटनाओं के आरोप अत्यंत शर्मनाक एवं निंदनीय हैं। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह लोकतंत्र, कानून के शासन और राजनीतिक मर्यादाओं पर सीधा प्रहार है।

देबाशीष घोष ने कहा कि फूलों से स्वागत करने वालों के जवाब में यदि पत्थर बरसाए जाएं, तो यह राजनीतिक संस्कार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है। नवरात्र जैसे पावन अवसर पर महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सौहार्द की बात करने वालों को अपने आचरण से भी यह साबित करना चाहिए कि वे वास्तव में इन मूल्यों का सम्मान करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि तिलक पुस्तकालय के समक्ष हुई घटना सामान्य राजनीतिक विरोध का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घायल होने तथा वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता मनोज उपाध्याय के अस्पताल में भर्ती होने की खबर अत्यंत चिंताजनक है। राजनीतिक मतभेदों के कारण किसी की जान और सुरक्षा को खतरे में डालना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
देबाशीष घोष ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की कि घटना के सभी उपलब्ध वीडियो फुटेज एवं सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखे जाएं, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएं और निष्पक्ष जांच के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जांच में किसी भी राजनीतिक पद, प्रभाव या दबाव को आड़े नहीं आने दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी डराने-धमकाने की राजनीति के सामने झुकने वाली नहीं है। यदि किसी ने कानून अपने हाथ में लिया है, तो उसे कानून के अनुसार जवाब देना होगा। लोकतंत्र में सत्ता, संगठन या राजनीतिक पहचान किसी को हिंसा करने का अधिकार नहीं देती।
अंत में देबाशीष घोष ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी शांति, सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है, लेकिन अन्याय और हिंसा के आरोपों पर चुप नहीं बैठेगी। जिला प्रशासन अविलंब निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सौहार्द कायम रहे।
