प्रतिनिधि, जादूगोड़ा : मुसाबनी प्रखंड अंतर्गत माटीगोड़ा पंचायत के दिगड़ी मोड़ से फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के बांकाई–कोतोपा तक लगभग 10 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा कराया जा रहा है. इसी परियोजना के तहत मुख्य पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण कई महीनों से संघर्षरत हैं. ग्रामीणों ने इसकी गंभीरता को देखते हुए डीसी से लेकर मुख्यमंत्री तक लिखित आवेदन दिए थे. आंदोलन भी किया गया. इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुल निर्माण की स्वीकृति हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया था।

















































इसके बावजूद आज तक ग्रामीण कार्य विभाग, रांची के मुख्य अभियंता द्वारा कोई पहल नहीं की गई. परिणामस्वरूप बांकाई गांव के पास बना अस्थायी पुल लगातार वाहनों की आवाजाही से क्षतिग्रस्त हो चुका है. इसके अलावा मार्ग में बने अन्य चार अस्थायी पुल भी जगह–जगह टूटने की कगार पर पहुंच गए हैं. वर्तमान स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीण सुशेन कालिंदी, अजित भूमिज, बागुन पूर्ति, सुरु सिंह जोनको सहित कई लोगों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी मुख्य अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, रांची की लापरवाही और मनमानी के कारण गांव वालों की जान जोखिम में है. पुल की मिट्टी धंस रही है व पुल में दरारें बढ़ती जा रही हैं और पूरा ढांचा दिन–प्रतिदिन कमजोर होता जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य को अविलंब शुरू किया जाए, ताकि आने–जाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. उनका कहना है कि विभाग की उदासीनता अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ी तो पुनः आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।
इस मामले को लेकर कार्यपालक अभियंता नीरज मिश्रा को +919973140873 इस नम्बर पर काफ़ी बार कॉल किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
वही इस मामले मे ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता राजेश कुमार से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि वे अभी मेडिकल को लेकर छुट्टी मे है फिलहाल इस मामले मे कुछ नहीं कह सकते।


