जमशेदपुर : चार दिवसीय छठ महापर्व का आज (7 नवंबर) तीसरा दिन और पहला अर्घ्य है. इस दिन यानी कार्तिक मास की षष्ठी तिथि को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. पहले अर्घ्य के दिन व्रती दिन भर निर्जला व्रत रखते हैं और शाम में किसी तालाब, नदी या जलकुंभ में जाकर सूर्य की उपासना करते हैं. इसके बाद डूबते हुए सूर्य को दूध और पानी से अर्घ्य दिया जाता है. सूर्य देवता को अर्घ्य देने के लिए तांबे का लोटा का प्रयोग करना चाहिए. लोटे में दूध और गंगा जल मिलाकर सूर्य देवता को अर्घ्य देना चाहिए. सूर्यास्त 5 बजकर 28 मिनट पर होगा।
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