जमशेदपुर : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोल्हान प्रमंडल प्रवक्ता जम्मी भास्कर ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि किसी भी वैध मतदाता को उसके संवैधानिक मतदान अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदाता है और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होनी चाहिए।



शुक्रवार को जारी बयान में जम्मी भास्कर ने कहा कि झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में बड़ी संख्या में मध्यम वर्ग, दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक, प्रवासी मजदूर, महिलाएं, बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार निवास करते हैं। इनमें से कई लोगों के पास पुराने दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में दस्तावेजी जटिलताओं के आधार पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का प्रयास लोकतंत्र की भावना के विपरीत होगा।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में समय-समय पर मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विवाद और शिकायतें सामने आती रही हैं। कांग्रेस को आशंका है कि इस प्रक्रिया का दुरुपयोग कर विपक्षी विचारधारा या इंडिया गठबंधन समर्थक मतदाताओं को अनावश्यक आपत्तियों और दस्तावेजी बाधाओं में उलझाया जा सकता है। इसलिए कांग्रेस पार्टी बूथ स्तर से लेकर राज्य स्तर तक पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी।
जम्मी भास्कर ने कांग्रेस के सभी बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) से मतदान केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीएलए यह सुनिश्चित करें कि किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से न कटे तथा जरूरतमंद मतदाताओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल संगठन और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए।
उन्होंने कहा कि झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू, सह-प्रभारी सुरीविला प्रसाद तथा प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एसआईआर प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रख रही है।
भास्कर ने कहा कि यदि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर पक्षपात, भेदभाव, मनमानी या वैध मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया गया तो कांग्रेस उसका जोरदार विरोध करेगी और आवश्यकता पड़ने पर राज्यव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन भी चलाएगी।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से मांग की कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जनहितकारी हो। किसी भी वैध मतदाता का नाम केवल तकनीकी त्रुटि, दस्तावेजों की कमी या प्रशासनिक लापरवाही के आधार पर मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। आयोग यह सुनिश्चित करे कि आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, प्रवासी श्रमिक, महिलाएं, बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग अपने मतदान अधिकार से वंचित न हों।
अंत में उन्होंने कहा कि झारखंड का एक भी वैध मतदाता वोटर सूची से बाहर नहीं होना चाहिए। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ संघर्ष करेगी।



