जमशेदपुर : भुईयाडीह अतिक्रमण मामले को लेकर समाजसेवी सौरव विष्णु ने प्रशासन और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पूर्वी विधानसभा क्षेत्र स्थित भुईयाडीह में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई “हास्यास्पद और अत्यंत एकतरफा” प्रतीत होती है।



सौरव विष्णु का कहना है कि किसी भी अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया से पूर्व प्रभावित लोगों को नोटिस देना अनिवार्य होता है। लेकिन इस मामले में न प्रशासन, न राज्य सरकार और न ही टाटा स्टील ने कोई पूर्व सूचना दी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके दबाव में इतनी त्वरित कार्रवाई की गई। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाया और पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की।
सौरव विष्णु ने प्रशासन को याद दिलाया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद शहर की इमारतों के बेसमेंट में बनी दुकानों को न तो हटाया गया और न ही उन्हें पार्किंग में तब्दील किया गया, जबकि आम नागरिकों के घरों को तोड़ने में इतनी जल्दबाज़ी दिखाई गई—यह स्वयं में बड़ा सवाल है।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनके पुनर्वास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



