जमशेदपुर : झारखंड शराब घोटाले से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से इस मामले में लंबी पूछताछ की है। वह उस समय राज्य के उत्पाद आयुक्त और झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के प्रबंध निदेशक थे, जब शराब नीति के तहत टेंडर प्रक्रिया और प्लेसमेंट एजेंसियों से जुड़ी अनियमितताएं सामने आई थीं।
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क्या है मामला….
- झारखंड शराब घोटाले में आरोप है कि कुछ प्लेसमेंट एजेंसियों ने सरकारी शराब दुकानों के लिए मैनपावर सप्लाई के टेंडर में फर्जी बैंक गारंटी जमा की, जिनकी प्रामाणिकता की जांच संबंधित अधिकारियों ने नहीं की, जिससे राज्य को बड़े राजस्व नुकसान का आरोप है।
- इस प्रकरण में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन सचिव विनय चौबे सहित 13 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज है और कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से एसीबी पहले ही पूछताछ कर चुकी है।
कर्ण सत्यार्थी से पूछताछ का मकसद….
- रिपोर्टों के मुताबिक ACB ने कर्ण सत्यार्थी से पूछा कि फर्जी बैंक गारंटी और अनियमितताएं पकड़ में आने के बाद उन्होंने विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की और टेंडर संबंधी निर्णयों में उनकी भूमिका क्या रही।
- एसीबी की पूछताछ जांच का हिस्सा है; अभी सार्वजनिक सूचनाओं में उन्हें आरोपी के रूप में दोष सिद्ध नहीं दिखाया गया है, बल्कि जांच एजेंसी तथ्य जुटाने और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया में है।
आपकी दी हुई लिंक के संदर्भ में ….
- जो हेडलाइन आप ने भेजी है (“शराब घोटाला जांच में ACB ने जमशेदपुर DC कर्ण सत्यार्थी से की लंबी पूछताछ”) उसी घटनाक्रम की ओर संकेत करती है, यानी एसीबी द्वारा जमशेदपुर डीसी को तलब कर कई घंटों तक पूछताछ करने और शराब घोटाले की जांच का दायरा बढ़ाने से जुड़ी ब्रेकिंग रिपोर्ट।
- पूरी स्टोरी आम तौर पर यही बताती है कि यह पूछताछ झारखंड शराब घोटाले की गहराई से जांच, फर्जी बैंक गारंटी और टेंडर प्रक्रिया की जिम्मेदारी तय करने के लिए की जा रही है, न कि अभी किसी अंतिम निष्कर्ष या सजा के चरण पर पहुंच चुकी है।
