रांची : 2 जनवरी को धुर्वा के मल्लार कोचा, मौसीबाड़ी से लापता अंश व अंशिका की 14 जनवरी को सकुशल बरामदगी के बाद आरोपी दंपती नभ खरवार और उसकी पत्नी सोनी कुमारी को रांची एसआइटी ने गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ के बाद बच्चा चोरी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया गया. रविवार को झारखंड पुलिस ने इस बड़े गिरोह के 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 12 और बच्चों को बरामद कर लिया. इस पूरे गिरोह में अब तक 9 पुरुष और 6 महिलाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें बच्चों का अपहरण करने वाले 12 लोग और बच्चों के खरीदने वाले तीन लोग शामिल हैं।



बंगाल, ओड़िशा और बिहार में बेचे जाते हैं बच्चे…..
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि यह गिरोह गुलगुलिया की तरह रहता है. मौका देखते ही बच्चों का अपहरण कर लेता है. गिरोह मुख्य रूप से झोपड़पट्टी में रहनेवाले, कूड़ा चुननेवाले जैसे गरीब बच्चों को टारगेट करता है. सही खरीदार नहीं मिलने पर गिरोह के लोग बच्चों को अपने पास एक-दो साल रखते हैं और खुद के बच्चे कहते हैं. इनसे चोरी और पॉकेटमारी समेत अनैतिक कार्य करवाते हैं. यह गिरोह झारखंड समेत ओडिशा, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार में सक्रिय है. गिरफ्तार आरोपियों में कुछ पहले से चार्जशीटेट हैं. गिरोह बच्चा चोरी करनेवाला प्रोफेशनल मानव तस्कर है।
SIT की छापेमारी अब भी है जारी…..
एसएसनी रांची के निर्देश पर ग्रामीण एसपी, नगर एसपी और यातायात एसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. यही टीम आगे चलकर अंश और अंशिका को रामगढ़ से सकुशल बरामद करने में सफल रही. जांच के दौरान इस मामले में गिरफ्तार नव खरवार और सोनी कुमारी से पुलिस रिमांड पर काफी देर तक पूछताछ की गई. पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह कोई एकलौता अपहरण नहीं, बल्कि बच्चों को अगवा करने वाला एक संगठित गिरोह है, जो योजना बनाकर राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बच्चों को उठाता था।
गिरोह के सदस्य न केवल झारखंड, बल्कि सीमावर्ती राज्य बिहार, बंगाल और उड़ीसा में भी इसी तरह की वारदातों में शामिल रहे हैं. आरोपियों के अपराध स्वीकार करने वाले बयान के अनुसार, अपहरण किए गए बच्चों को भीख मंगवाने, बेचने, देह व्यापार और मानव तस्करी जैसे कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
राज्य भर से 12 बच्चों की बरामदगी……
जांच के सिलसिले में पुलिस ने कोठार (रामगढ़), बारियातू (लातेहार) और सिल्ली (रांची) समेत कई इलाकों से किशोरों और किशोरियों को संरक्षण में लेकर उनके परिवार का पता लगाया और अलग-अलग थाने में दर्ज लापता बच्चों की एफआईआर का पता किया. इसके बाद पता चला कि सिल्ली से 5, कोठार से 3 और बारियातू से 4 बच्चे-किशोर अपहरण कर लाए गए थे. अब तक कुल 12 बच्चों के अपहरण और बरामदगी की पुष्टि हुई है. इनमें से 2 बच्चों को दो वर्ष पहले खादगढ़ा बस स्टैंड, रांची से, 1 बच्ची को तीन वर्ष पहले संभलपुर रेलवे स्टेशन से, 5 बच्चियों को करीब तीन वर्ष पहले बारियातू (लातेहार) से, 2 बच्चियों को तीन वर्ष पूर्व धनबाद से, 1 बच्ची को तीन वर्ष पहले लोहरदगा से और एक बच्ची को 1 वर्ष पूर्व जगरनाथपुर, रांची से अगवा किए जाने की बात सामने आई है।
बच्चों की तस्करी बिहार और बंगाल तक……
गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि कुछ अपहृत बच्चों को बिहार के औरंगाबाद जिला और पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में बेच दिया गया है. अन्य बच्चों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है और पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं. SIT की टीम झारखंड के कई जिलों और सीमावर्ती राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही है. सीनियर अधिकारियों के निर्देशन में अन्य पीड़ित बच्चों की बरामदगी और नेटवर्क के शातिर सदस्यों की गिरफ्तारी पर फोकस किया जा रहा है।
कार और अन्य सामान जब्त 15 आरोपी गिरफ्तार….
अब तक इस संगठित गिरोह से जुड़े 15 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. इनमें नभ खरवार, सोनी कुमारी, विरोधी खेरवार उर्फ अनुराग, एंथनी खरवार, प्रमोद कुमार, आशिक गोप, राज रवानी, चांदनी देवी, सीता देवी, दिनु भुइयां, सन्यासी खरवार, मालिन देवी, बेबी देवी, सोनिया देवी और उपैया खेरवार शामिल हैं. गिरफ्तार विरोधी खेरवार के पास से मारुति सुज़ुकी की सफेद कार (रजिस्ट्रेशन नंबर JH24L-8382) सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है. नभ खेरवार और सोनी कुमारी धुर्वा थाना कांड संख्या 01/26 में पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे और भी महत्वपूर्ण इनपुट मिलने की संभावना जताई जा रही है।
