रांची : झारखंड में कड़ाके की ठंड लगातार बढ़ती जा रही है और कई जिलों में पारा सामान्य से काफी नीचे लुढ़क गया है। राज्य में मौसम का रुख बीते 24 घंटों में तेजी से बदला, जिसके कारण गुरुवार को सिमडेगा में न्यूनतम तापमान मात्र 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान है। भारत मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, जिससे आम लोगों को शीतलहर का सामना करना पड़ रहा है।
गुमला और खूंटी में पारा 5–6 डिग्री के बीच…
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तरी और उत्तर–पूर्वी हवाओं के सक्रिय रहने से प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड ने रफ्तार पकड़ी है। गुमला में 5 डिग्री और खूंटी में 6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम है। ठंडी हवाओं के कारण इन जिलों में सुबह और देर शाम कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
लोहरदगा और हजारीबाग में भी कड़ाके की ठंड…..
राज्य के अन्य हिस्सों में भी तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। लोहरदगा में न्यूनतम तापमान 7.3°C और हजारीबाग में 7.5°C रहा। राजधानी रांची में 8.5°C, लातेहार में 8.2°C और पश्चिमी सिंहभूम में 9°C तापमान दर्ज किया गया। IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में भी सुबह के समय बर्फीली हवाएं जारी रहने की संभावना है।
अगले 5 दिनों में तापमान 3–5 डिग्री बढ़ने की उम्मीद….
रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक डॉ. अभिषेक आनंद ने बताया कि न्यूनतम तापमान में फिलहाल कोई बड़ी राहत नहीं मिलेगी और अगले 24 घंटे तक यह इसी स्तर पर बना रह सकता है। हालांकि, इसके बाद मौसम में बदलाव होने लगेगा और अगले 5 दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी संभावित है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवाओं की दिशा में परिवर्तन के चलते राज्य में ठंड की तीव्रता में कमी आएगी।
24 जिलों को 79 लाख रुपये जारी….
कड़ाके की ठंड से निपटने के लिए झारखंड सरकार ने राहत कदम उठाए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने 24 जिलों को कुल 79 लाख रुपये जारी किए हैं, ताकि प्रमुख चौराहों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलाव की पर्याप्त व्यवस्था की जा सके। आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि किसी भी परिस्थिति में गरीब और जरूरतमंद परिवार ठंड से प्रभावित न हों और हर जिले में अलाव की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।