मुरी/सिल्ली। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सहज राजयोग सेवा केंद्र, सिल्ली में रक्षाबंधन का पावन पर्व श्रद्धा, उमंग और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परमात्मा की स्मृति के साथ हुआ। इस अवसर पर सेवा केंद्र की मुख्य संचालिका बीके मीना बहन ने उपस्थित भाई-बहनों को रक्षा सूत्र (राखी) बांधा और आत्म-स्मृति का तिलक लगाकर उनके उज्ज्वल, शांत एवं सुखमय जीवन की मंगलकामना की। इसके साथ ही सभी को ईश्वरीय प्रसाद एवं सौगात भी वितरित की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके मीना बहन ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल सूत के धागे का बंधन नहीं, बल्कि स्वयं को विकारों और बुराइयों से मुक्त रखने का ईश्वरीय संकल्प है। जब मनुष्य स्वयं को आत्मा समझकर परमात्मा शिव से सर्व संबंध जोड़ता है, तभी जीवन में सच्ची सुरक्षा, शांति और आनंद की अनुभूति होती है।उन्होंने सभी से काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग कर प्रेम, पवित्रता, सद्भाव और भाईचारे की भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस पावन अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने अपने जीवन को दिव्य गुणों से सजाने तथा समाज में शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन गहन शांति एवं आत्मिक अनुभूति कराने वाले राजयोग मेडिटेशन के साथ हुआ।
रिपोर्ट : रिंकी कुमारी
