RANCHI : कथित झारखंड शराब घोटाल मामले में मैनपावर सप्लायर एजेंसी सुमित फैसिलिटीज के निदेशक अमित प्रभाकर को गिरफ्तार कर लिया गया है. अरेस्ट करने के बाद मंगलवार देर शाम सात बजे कंपनी के निदेशक को सदर अस्पताल ले जाया गया.



मिली जानकारी के अनुसार, एसीबी ने शराब घोटाले में पहली बार सुमित फैसिलिटीज के निदेशकों पुणे निवासी अजीत जयसिंह राव, अमित प्रभाकर सलौंकि और सुनील मारुत्रे कुंभ्कर को 16 जून को मौजूद होने के लिए नोटिस भेजा था. लेकिन कंपनी के निदेशक तक एंजेसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे. एजेंसी ने दोबारा अमित प्रभाकर को 15 जून को नोटिस भेजकर 23 जुलाई को उपस्थित होने को कहा था. इसके बाद अमित प्रभाकर पूछताछ के लिए एसीबी कार्यालय पहुंचे थे. लेकिन जांच में रवैया असहयोगात्मक रहा. वहीं सिद्धार्थ सिंघानिया से सीधा कनेक्शन भी जांच में सामने आया. जिसके बाद एजेंसी ने अमित को गिरफ्तार किया है.
लंबी पूछताछ के बाद किया गया गिरफ्तार
गौरतलब है कि एसीबी ने अपनी जांच में पाया है कि शराब घोटाले में पूर्व में अरेस्ट हुए अमित प्रभाकर की पैसों के लेनदेन और वितरण में सांठगांठ रही है. जांच में यह बात सामने आयी है कि सिद्धार्थ सिंघानियां पहले में कंपनी में निदेशक व कंस्लटेंट रहा था. सिद्धार्थ सिंघानिया ने बाद में कंपनी से एक एग्रीमेंट एक अक्टूबर 2018 व एक फरवरी 2024 को किया था कि वह कंपनी के किसी लाभ,हानि , दावा या दायित्व स्वयं उठाएगा. कंपनी के ऊपर ऐसी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी. ऐसे में एसीबी को संदेह है कि कुछ ऐसे आपराधिक कृत्य हुए हैं. जिसे लेकर सिद्धार्थ ने इन शर्तों के साथ स्टांप पेपर पर साइन किया. एसीबी ने इस एग्रीमेंट पेपर के कारणों पर बुधवार को अमित प्रभाकर से सवाल किया. लेकिन उसने इस बारे में कोई भी जवाब नहीं दिया. जिसके बाद ही अमित प्रभाकर को गिरफ्तार किया गया.



