नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इस समय भारतीय सोशल मीडिया (विशेषकर इंस्टाग्राम और X) पर सबसे बड़ा ट्रेंडिंग टॉपिक बनी हुई है। यह कोई असली या पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि देश के युवाओं, बेरोजगारों और छात्रों द्वारा शुरू किया गया एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन (Satirical Political Movement) है, जो देखते ही देखते एक बड़े डिजिटल विद्रोह में बदल गया है।



आइए जानते हैं कि इसकी शुरुआत किसने की, क्यों की और इसके अनोखे मेनिफेस्टो और क्राइटेरिया (Eligibility Criteria) में ऐसा क्या है जिसने कमाल कर दिया:
1. किसने और क्यों बनाया?
- संस्थापक (Founder) : इसे 30 साल के अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने 16 मई 2026 को शुरू किया है। अभिजीत फिलहाल अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) की पढ़ाई कर रहे हैं और पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के सोशल मीडिया वॉलंटियर रह चुके हैं।
- बनाने की वजह (The Trigger) : 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा भड़क गया। आरोप है कि उन्होंने बेरोजगार युवाओं, सोशल मीडिया यूजर्स और कुछ आरटीआई कार्यकर्ताओं की तुलना “कॉकरोच” और “समाज के परजीवी (Parasites)” से कर दी थी (हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और वह फर्जी डिग्री वालों की बात कर रहे थे)।
- नाम के पीछे का तर्क : इसी टिप्पणी के विरोध में युवाओं ने व्यंग्य के तौर पर “कॉकरोच” शब्द को अपनी पहचान बना लिया। संस्थापक का कहना है कि “अगर सत्ता में बैठे लोग नागरिकों को कॉकरोच समझते हैं, तो उन्हें पता होना चाहिए कि कॉकरोच गंदी और सड़ चुकी जगहों पर ही पनपते हैं। कॉकरोच बेहद रेजिलिएंट (सहनशील) होते हैं, उन्हें कुचला जाए तो भी वे वापस आ जाते हैं।”
2. मेनिफेस्टो (घोषणा पत्र) के 5 बड़े वादे
इस पार्टी का मेनिफेस्टो गंभीर राजनीतिक मुद्दों पर एक बेहद धारदार और तीखा व्यंग्य है:
- जजों के रिटायरमेंट पर रोक : कोई भी चीफ जस्टिस (CJI) रिटायर होने के बाद राज्यसभा सीट या सरकारी पद स्वीकार नहीं करेगा।
- वोट डिलीट होने पर UAPA : अगर चुनाव में किसी वैध नागरिक का वोट वोटर लिस्ट से डिलीट पाया गया, तो मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को UAPA के तहत गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि वोटिंग अधिकार छीनना आतंकवाद से कम नहीं है।
- 50% महिला आरक्षण : संसद और कैबिनेट की कुल सीटों में महिलाओं के लिए सीधा 50% आरक्षण लागू होगा (संसद की ताकत बढ़ाए बिना)।
- मीडिया पर एक्शन : क्रोनी कैपिटलिज्म (पक्षपातपूर्ण पूंजीवाद) को रोकने के लिए बड़े उद्योगपतियों (अंबानी-अडानी) के मीडिया घरानों के लाइसेंस रद्द हों और कथित ‘गोदी मीडिया’ एंकरों के बैंक खातों की जांच हो।
- दलबदलू नेताओं पर बैन : पार्टी बदलने वाले (दलबदल करने वाले) किसी भी MLA या MP पर 20 साल के लिए चुनाव लड़ने और कोई भी सार्वजनिक पद संभालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगेगा।
- RTI और ट्रांसपेरेंसी : पार्टी RTI एक्ट के प्रति जवाबदेह होगी, कोई गुप्त फंड (जैसे PM CARES) नहीं बनाएगी और चुनावी बॉन्ड या अज्ञात चंदा स्वीकार नहीं करेगी।
- सदस्यता का अनोखा क्राइटेरिया (Eligibility Criteria) CJP ने डिजिटल नागरिकों (खासकर Gen Z) को जोड़ने के लिए बड़े ही मजाकिया और सटीक नियम बनाए हैं:
- बेरोजगार (Unemployed): व्यक्ति बेरोजगार होना चाहिए—चाहे मजबूरी से (by force), खुद की मर्जी से (by choice) या सिद्धांतों के कारण (by principle)।
- आलसी (Lazy): शारीरिक रूप से पूरी तरह आलसी होना जरूरी है।
- क्रॉनिकली ऑनलाइन (Chronically Online): दिन में कम से कम 11 घंटे इंटरनेट/सोशल मीडिया पर बिताना अनिवार्य है (बाथरूम ब्रेक को मिलाकर)।
- प्रोफेशनल रेंटिंग (Ability to Rant Professionally): सोशल मीडिया पर किसी गंभीर मुद्दे पर बेहद सटीक, ईमानदार और तीखा तंज कसने की कला होनी चाहिए।
- 4 दिन में सोशल मीडिया पर BJP से आगे कैसे?
कॉकरोच जनता पार्टी ने सिर्फ 4-5 दिनों के भीतर सोशल मीडिया पर जो रफ्तार पकड़ी है, उसने बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है:
- इंस्टाग्राम पर रिकॉर्ड : CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट ने महज कुछ ही दिनों में 14.9 मिलियन (करीब 1.5 करोड़) फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। इस मामले में इसने भारतीय जनता पार्टी (BJP – ~8.8M) और कांग्रेस (~13.3M) जैसी स्थापित पार्टियों के ऑफिशियल हैंडल्स को भी पीछे छोड़ दिया है।
- X (ट्विटर) पर एक्शन : इसकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए भारत में इसके मुख्य X हैंडल (@CJP_2029) को कानूनी मांग के बाद ब्लॉक (Withheld) कर दिया गया। लेकिन युवाओं के इस डिजिटल नेटवर्क ने तुरंत ही @Cockroachisback नाम से नया हैंडल बना लिया, जिसे प्रकाश राज जैसे बड़े कलाकारों का भी समर्थन मिल रहा है।
- जमीनी असर : ऑनलाइन के साथ-साथ यह मूवमेंट अब जमीन पर भी दिखने लगा है। कई राज्यों (बिहार, यूपी, एमपी) में युवाओं ने कॉकरोच की वेशभूषा पहनकर सफाई अभियान और नीट (NEET) पेपर लीक जैसी समस्याओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।
यह पूरा मूवमेंट इस बात का प्रतीक बन चुका है कि आज का युवा बेरोजगारी, पेपर लीक और व्यवस्था की कमियों से कितना निराश है और अपनी इस भड़ास को निकालने के लिए उसने मीम्स और व्यंग्य (Satire) को एक बेहद ताकतवर हथियार बना लिया है।



