जमशेदपुर : झारखंड के कारा इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। पूर्वी सिंहभूम स्थित साकची कारा को राज्य की पहली पूर्ण महिला जेल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। जेल महानिरीक्षक (आईजी) द्वारा तैयार इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद साकची कारा को पूरी तरह महिला केंद्रित कारागार में परिवर्तित कर दिया जाएगा। यहां महिला बंदियों के साथ-साथ सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी महिलाओं के हाथों में होंगी।



पूरे राज्य की महिला बंदियों के लिए बनेगा केंद्र……
प्रस्ताव के अनुसार राज्यभर की सजायाफ्ता महिला बंदियों को साकची महिला कारागार में रखा जाएगा। वर्तमान में साकची कारा की क्षमता 198 बंदियों की है। महिला जेल के रूप में विकसित होने के बाद यहां महिला बंदियों की आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। कारा विभाग का मानना है कि इससे महिला बंदियों को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
अत्याधुनिक होगी सुरक्षा व्यवस्था…..
महिला जेल बनने के बाद साकची कारा की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। महिला सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ आधुनिक सीसीटीवी निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी। महिला बंदियों की सुरक्षा, गोपनीयता और बेहतर निगरानी को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर…..
महिला बंदियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नियमित स्वास्थ्य जांच, स्त्री रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और प्रसूति संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा जिन महिला बंदियों के साथ छोटे बच्चे होंगे, उनके लिए अलग क्रेच, पौष्टिक आहार और खेलकूद की विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि बच्चों के समुचित विकास और देखभाल को सुनिश्चित किया जा सके।
आत्मनिर्भरता और पुनर्वास पर रहेगा फोकस…..
महिला बंदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, कंप्यूटर प्रशिक्षण, हस्तशिल्प एवं अन्य स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साथ ही काउंसलिंग, योग और ध्यान जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे जेल से बाहर आने के बाद महिलाएं सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
सरकार की मंजूरी का इंतजार…..
गौरतलब है कि देश में वर्तमान समय में 31 महिला जेलें संचालित हैं, जबकि झारखंड में अब तक कोई पूर्ण महिला कारागार नहीं है। कारा विभाग को उम्मीद है कि सरकार से मंजूरी मिलने के बाद साकची कारा राज्य की पहली महिला जेल के रूप में नई पहचान हासिल करेगी और महिला सुधार एवं पुनर्वास के क्षेत्र में एक मिसाल बनेगी।



