डबल नी रिप्लेसमेंट ऑपरेशन सफल, मरीज तेजी से स्वस्थ; एमआरआई सेवा शुरू, एमबीबीएस सीटें बढ़कर हुईं 200
जमशेदपुर : नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एक मरीज के दोनों घुटनों (डबल टोटल नी रिप्लेसमेंट) का सफल प्रत्यारोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज का स्वास्थ्य तेजी से बेहतर हो रहा है। इस उपलब्धि पर संस्थान के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने चिकित्सकों, सर्जनों, नर्सिंग स्टाफ एवं अस्पताल प्रबंधन की पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं, आधुनिक तकनीक और समर्पित टीमवर्क का परिणाम बताया. मदन मोहन सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लगातार चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। संस्थान का उद्देश्य आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के कारण मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है।

अत्याधुनिक एमआरआई सेवा भी हुई शुरू…
उन्होंने बताया कि लगभग दो माह पूर्व अस्पताल में अत्याधुनिक एमआरआई (MRI) सेवा भी नियमित रूप से शुरू कर दी गई है। इसके शुरू होने से जमशेदपुर समेत आसपास के जिलों के मरीजों को अब उन्नत जांच के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे मरीजों का समय और आर्थिक संसाधन दोनों बचेंगे तथा उन्हें एक ही परिसर में समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
एमबीबीएस की सीटें बढ़कर हुईं 200….
मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में मिली उपलब्धि का उल्लेख करते हुए मदन मोहन सिंह ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 200 सीटों पर नामांकन लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष तक कॉलेज में 100 सीटों की मान्यता थी, लेकिन राष्ट्रीय स्तर के सभी आवश्यक मानकों को पूरा करने के बाद अतिरिक्त 100 सीटों की स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही कॉलेज में मेडिकल शिक्षा की कुल सीटें बढ़कर 200 हो गई हैं. उन्होंने इसे संस्थान के प्रबंधन, शिक्षकों, चिकित्सकों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों तथा गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक एवं चिकित्सीय वातावरण का परिणाम बताया।
2027 से शुरू होगी नए मेडिकल कॉलेज की ओपीडी सेवा..
मदन मोहन सिंह ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल जमशेदपुर या आसपास के क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे झारखंड और पूर्वी भारत के लोगों को विश्वस्तरीय एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से रांची-टाटा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बैरंडी बाजार के समीप लगभग 25 एकड़ भूमि पर मदन मोहन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित संस्थान में वर्ष 2027 से ओपीडी सेवाएं शुरू करने तथा 2028 से मेडिकल शिक्षा का संचालन प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नया अध्याय स्थापित करेगी तथा हजारों मरीजों और मेडिकल विद्यार्थियों के लिए लाभकारी साबित होगी।
