जमशेदपुर : भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. रविवार को जारी बयान में सौरभ विष्णु ने कहा कि यदि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उनकी मुठभेड़ में मौत कैसे हुई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति पर लगे आरोपों का फैसला न्यायालय करता है और कानून के शासन में न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि है। ऐसे में पुलिस कार्रवाई की परिस्थितियों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।



उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की है, लेकिन किसी भी मामले में न्यायिक प्रक्रिया का पालन होना आवश्यक है। भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब सरकार और पुलिस प्रशासन को देना चाहिए. सौरभ विष्णु ने आरोप लगाया कि भरत भूषण तिवारी विभिन्न जनसरोकारों और अपने अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर मुखर रहते थे तथा कई मामलों में सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाते रहे थे। ऐसे में इस घटना की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी या कर्मी की भूमिका संदिग्ध अथवा दोषपूर्ण पाई जाती है तो उनके खिलाफ हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. जन विकास मंच प्रमुख ने कहा कि कानून सबके लिए समान है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि भरत भूषण तिवारी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।



