चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड अंतर्गत सेरेंगदा थाना क्षेत्र से चार माह पूर्व लापता हुई दो नाबालिग किशोरियों को दिल्ली से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में मानव तस्करी का मामला सामने आया है। आरोप है कि तस्करों ने दोनों किशोरियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली ले जाकर बेच दिया था। मामले की जानकारी परिजनों तक भी नहीं पहुंचने दी गई थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोइलकेरा प्रखंड की सारूगड़ा पंचायत अंतर्गत कातिगकेल गांव की एक नाबालिग छात्रा मार्च माह से लापता थी। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने सेरेंगदा थाना में शिकायत दर्ज कराई. मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी उमेश कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि किशोरी को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले जाया गया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस के सहयोग से विशेष अभियान चलाकर किशोरी को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
पूछताछ के दौरान बरामद किशोरी ने खुलासा किया कि कोमासाई गांव की एक अन्य नाबालिग लड़की को भी तस्करों द्वारा दिल्ली ले जाकर बेच दिया गया है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरी किशोरी को भी सुरक्षित बरामद कर लिया. वर्तमान में दोनों किशोरियों को दिल्ली स्थित बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के संरक्षण में एक छाया गृह में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर रही है।
सेरेंगदा थाना प्रभारी उमेश कुमार यादव ने बताया कि दोनों किशोरियों को जल्द ही दिल्ली से गोइलकेरा लाया जाएगा तथा विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं पुलिस मानव तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है. इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में सक्रिय मानव तस्करी गिरोहों की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस लोगों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील कर रही है।

