जमशेदपुर। केबल मजदूर संघ के अध्यक्ष सागर तिवारी ने कहा कि करीब 26 वर्षों से बंद पड़ी केबल कंपनी के दोबारा शुरू होने की उम्मीद जगी है। इससे वर्षों से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हजारों पूर्व कर्मचारियों एवं स्थानीय युवाओं में खुशी का माहौल है। वहीं, कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य कंपनी की परिसंपत्तियों पर अपना कब्जा बनाए रखना है।

सागर तिवारी ने कहा कि केबल कर्मचारियों की स्थिति आज दो हिस्सों में बंटी हुई है। एक वर्ग ऐसा है जो कंपनी बंद होने के बाद मामूली वेतन पर सुरक्षा गार्ड, निजी दुकानों या अन्य छोटे-मोटे काम करके किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। वहीं दूसरा वर्ग आर्थिक रूप से काफी संपन्न है और उन्हें रोजगार की आवश्यकता नहीं है। ऐसे लोगों के परिजन देश-विदेश में अच्छी नौकरियां कर रहे हैं या वे स्वयं बड़े व्यवसाय से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि यदि वेदांता कंपनी का संचालन शुरू करती है तो हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, गोलमुरी बाजार में फिर से रौनक लौटेगी, स्थानीय व्यापार बढ़ेगा और पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। यही कारण है कि मजदूर वर्ग कंपनी खुलने का स्वागत कर रहा है।
सागर तिवारी ने आरोप लगाया कि कुछ स्वयंभू सामाजिक कार्यकर्ता कंपनी शुरू होने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कंपनी चालू हो गई तो कंपनी की जमीन, क्वार्टर,पार्टी हाल और अन्य परिसंपत्तियों से जुड़े उनके कथित हित प्रभावित होंगे। उन्होंने मांग की कि पिछले 26 वर्षों के दौरान कंपनी परिसर में हुई कथित अवैध गतिविधियों, संपत्तियों के दुरुपयोग तथा आर्थिक लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को जो भी बकाया राशि मिल रही है, वह न्यायालय के आदेशों एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत दी जा रही है। यदि किसी व्यक्ति को इस प्रक्रिया पर आपत्ति है तो उसे कानून का सहारा लेना चाहिए, न कि कंपनी के संचालन में बाधा उत्पन्न करनी चाहिए।
सागर तिवारी ने कहा कि जब कंपनी 26 वर्षों तक बंद रही, तब हजारों कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो गया। कई परिवार आर्थिक संकट से जूझते रहे, अनेक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और कई कर्मचारी इलाज के अभाव में दुनिया छोड़ गए। उस समय इन कर्मचारियों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। आज जब कंपनी दोबारा शुरू होने की संभावना बनी है और मजदूरों के जीवन में उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है, तब निजी हितों के लिए इसका विरोध करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि केबल मजदूर संघ हर गरीब कर्मचारी, पूर्व कर्मी और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। संघ का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि बंद पड़ी कंपनी को पुनः चालू कराकर रोजगार, विकास और मजदूरों के सम्मान की बहाली सुनिश्चित करना है।
अंत में सागर तिवारी ने कहा कि “हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर मजदूरों और जमशेदपुर के विकास के बारे में सोचें। हजारों परिवारों के भविष्य के साथ राजनीति या स्वार्थ की लड़ाई नहीं होनी चाहिए। केबल कंपनी का पुनः संचालन पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक हित में है।”

