जमशेदपुर : झारखंड बांग्ला-भाषी उन्नयन समिति ने मानगो के नवनिर्मित ओवरब्रिज का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी एवं अमर क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस के नाम पर रखने की मांग को लेकर एक बार फिर पहल की है। मंगलवार को समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम स्मरण-पत्र सौंपते हुए इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।

समिति ने स्मरण-पत्र में कहा कि मैंगो में हाल ही में निर्मित ओवरब्रिज का नाम शहीद खुदीराम बोस के नाम पर रखा जाना चाहिए, ताकि देश के सबसे कम आयु के अमर शहीदों में शामिल खुदीराम बोस के अद्वितीय बलिदान को सम्मानपूर्वक स्मरण किया जा सके और नई पीढ़ी उनके त्याग एवं राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा ले सके. प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस संबंध में 12 अगस्त 2025 को भी मुख्यमंत्री के नाम आवेदन-पत्र सौंपा गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय अथवा आधिकारिक जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इसी कारण समिति ने पुनः स्मरण-पत्र देकर सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण मांग की ओर आकृष्ट कराया है।
समिति ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मानगो के नवनिर्मित ओवरब्रिज का नाम शहीद खुदीराम बोस के नाम पर रखने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करेगी। समिति का कहना है कि इससे न केवल महान स्वतंत्रता सेनानी को सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी, बल्कि पूर्वी सिंहभूम के नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग भी पूरी होगी. स्मरण-पत्र सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में दिलजोय बोस, संजीव आचार्य, संजय राय, जहर रक्षित, बबलू सरकार, असित चक्रवर्ती, तरुण होड़, संजीव पात्र एवं शिवनाथ पाल शामिल थे।

