जमशेदपुर : मानगो के 16 रिहायशी घरों को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने पूरे मामले पर चिंता जताते हुए पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त, मानगो के अंचलाधिकारी (सीओ) और स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के मुख्य अभियंता से अलग-अलग वार्ता की।

‘यह जिला प्रशासन नहीं, NGT के आदेश का मामला’
सरयू राय ने बताया कि अधिकारियों के अनुसार घरों को तोड़ने का नोटिस जिला प्रशासन की पहल पर नहीं, बल्कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश के अनुपालन में जारी किया गया है। इस मामले में जल संसाधन विभाग भी पक्षकार है, इसलिए समाधान निकालने की जिम्मेदारी विभाग और राज्य सरकार की भी है।
NGT से समय मांगने की सलाह
सरयू राय ने मुख्य अभियंता से आग्रह किया कि वे NGT के समक्ष हस्तक्षेप कर बरसात के मौसम का हवाला देते हुए कार्रवाई के लिए अतिरिक्त समय मांगें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखे, ताकि बारिश के दौरान 16 परिवारों को बेघर होने से बचाया जा सके।
16 घरों को नोटिस, कार्रवाई की चेतावनी
अंचलाधिकारी ने सरयू राय को बताया कि कुल 16 घरों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित लोग स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा।
