रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और मेधा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी (CID) ने एक बहुत बड़ा कदम उठाते हुए आयोग के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते (L. Khiangte) को सोमवार को रांची में उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य बिंदु :
- ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका देने का आरोप : सीआईडी के अधिकारियों के अनुसार, JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के संचालन का जिम्मा नियमों को ताक पर रखकर एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी (TDPL) को सौंपने और इस प्रक्रिया में कथित रिश्वतखोरी व गड़बड़ियों को लेकर यह कार्रवाई की गई है।
- लगातार पूछताछ के बाद शिकंजा : विवाद बढ़ने और परीक्षाओं पर सवाल उठने के बाद एल. खियांग्ते ने 22 जुलाई को JPSC चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से सीआईडी लगातार उनसे पूछताछ कर रही थी। एजेंसी द्वारा कई दौर की लंबी पूछताछ और साक्ष्यों के मिलान के बाद यह गिरफ्तारी की गई है।
- छात्रों के उग्र आंदोलन के बीच बड़ी कार्रवाई : राज्यभर में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर पिछले कई दिनों से छात्रों और अभ्यर्थियों का भारी विरोध प्रदर्शन जारी है। सोमवार को भी छात्र आंदोलन के दौरान रांची में विधानसभा मार्च और प्रदर्शन देखने को मिला। ऐसे माहौल में पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी को इस पूरे प्रकरण में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक एक्शन माना जा रहा है।
- अन्य सदस्यों के इस्तीफे : इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीआईडी की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है, और हाल ही में आयोग के अन्य सदस्यों के भी इस्तीफे की खबरें सामने आई हैं।
सीआईडी इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों और कड़ियों की तलाश में जुटी हुई है।
Advertisements

Advertisements

Advertisements

