जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग को लेकर 29 जुलाई को हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल बिहार के नालंदा निवासी आशीष कुमार ने करीब 13 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया। आशीष की 11 अगस्त को पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बताया जाता है कि 29 जुलाई को प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद के दौरान आशीष के साथ मारपीट की गई थी। मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना ले जाया गया, जहां करीब 13 दिनों तक उसका इलाज चला। चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद 11 अगस्त को आशीष कुमार जिंदगी की जंग हार गया।

बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़……
आशीष की मौत के बाद परिजनों ने पूरे मामले में न्याय की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है। परिजनों का आरोप है कि प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद के बाद आशीष के साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी हालत गंभीर हुई और अंततः उसकी मौत हो गई. बेटे की मौत से टूट चुके परिजनों ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आशीष की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग……
परिजनों का कहना है कि आशीष की मौत के जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है. अब इस मामले में पुलिस की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। परिजनों को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और आशीष की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी।