पहले अनजान युवती ने किया न्यूड वीडियो कॉल, फिर वीडियो वायरल करने की धमकी… खुद को पुलिस अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाया
अहमदाबाद : साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी का ऐसा खतरनाक जाल बिछाया कि अहमदाबाद का एक 26 वर्षीय युवक देखते ही देखते 49.78 लाख रुपये गंवा बैठा। ठगों ने पहले युवक को अनजान नंबर से न्यूड वीडियो कॉल किया और उसका वीडियो रिकॉर्ड होने का दावा कर ब्लैकमेल करना शुरू किया। इसके बाद कभी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई तो कभी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर गिरफ्तारी और जेल भेजने का डर दिखाया गया। लगातार मानसिक दबाव बनाकर ठगों ने युवक से अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए।

अनजान नंबर से आया न्यूड वीडियो कॉल…….
मामला 3 सितंबर 2026 की रात का बताया जा रहा है। अहमदाबाद की एक निजी कंपनी में कार्यरत युवक अपने घर पर मोबाइल देख रहा था। इसी दौरान उसके WhatsApp पर एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल रिसीव करते ही स्क्रीन पर एक युवती आपत्तिजनक अवस्था में दिखाई दी। युवक ने तत्काल कॉल काट दिया और नंबर को ब्लॉक कर दिया. कुछ देर बाद फिर कॉल आया। इस बार दूसरी तरफ मौजूद लोगों ने युवक को धमकाते हुए कहा कि उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया है। यदि उसने पैसे नहीं दिए तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। इसी दौरान युवक को एक वीडियो भी भेजा गया, जिसे उसने बाद में डिलीट कर दिया।
तीन सप्ताह बाद बदला ठगी का तरीका……
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। करीब तीन सप्ताह बाद 27 सितंबर को एक अज्ञात नंबर से युवक के पास फिर कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली साइबर क्राइम ब्रांच का अधिकारी संजय अरोड़ा बताया। कथित अधिकारी ने युवक को न्यूड वीडियो से जुड़े अपराध में सात साल की सजा और गिरफ्तारी का डर दिखाया. डर से सहमे युवक को इसके बाद एक अन्य व्यक्ति से बात कराई गई, जिसने खुद को हेमंत मल्होत्रा नामक कथित YouTube अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि युवक के नाम से दो न्यूड वीडियो सामने आए हैं और उन्हें हटाने के लिए 71,250 रुपये देने होंगे।
डर बढ़ता गया, बैंक खाते खाली होते गए…….
इसके बाद ठगों ने युवक से अलग-अलग बहाने बनाकर लगातार पैसों की मांग शुरू कर दी। कभी गिरफ्तारी का डर, कभी वीडियो वायरल होने की धमकी तो कभी करियर बर्बाद करने की बात कहकर उसे मानसिक रूप से दबाव में रखा गया. बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से युवक ठगों के कहने पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करता रहा। देखते ही देखते उससे कुल 49.78 लाख रुपये ऐंठ लिए गए. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी रकम लेने के बाद भी ठगों की मांग बंद नहीं हुई। लगातार पैसे मांगे जाने पर आखिरकार युवक को एहसास हुआ कि वह एक सुनियोजित साइबर फ्रॉड और डिजिटल ब्लैकमेलिंग का शिकार हो चुका है।
साइबर क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच…….
इसके बाद युवक ने अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई। साथ ही आरोपियों की पहचान, उनके मोबाइल नंबरों और इस पूरे साइबर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की ठगी में अपराधी पहले पीड़ित को डर और शर्मिंदगी के जाल में फंसाते हैं, फिर पुलिस, कोर्ट या सोशल मीडिया अधिकारी बनकर लगातार पैसे वसूलते हैं। ऐसे किसी भी मामले में घबराकर भुगतान करने के बजाय तत्काल कॉल काटना, सबूत सुरक्षित रखना और साइबर पुलिस को शिकायत करना जरूरी है।
