जमशेदपुर : डांडिया को भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था की गौरवशाली पहचान बताते हुए चिंटू सिंह राजपूत ने डांडिया आयोजनों के बदलते स्वरूप पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आजकल कुछ आयोजनों में संस्कृति और परंपरा की आड़ में अश्लील गीत-संगीत और आपत्तिजनक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों का मजाक बन रहा है. चिंटू सिंह राजपूत ने कहा कि डांडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आस्था से जुड़ा आयोजन है। ऐसे में इसके नाम पर अश्लीलता परोसना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि डांडिया के नाम पर आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रमों की निगरानी की जाए और यदि किसी आयोजन में अश्लीलता, आपत्तिजनक सामग्री या कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि संस्कृति के नाम पर ‘नंगा नाच’ और अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले आयोजनों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रशासन से अपील की कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
