जमशेदपुर : मानगो थाना क्षेत्र के सहारा सिटी से जुड़े नाबालिग सामूहिक दुष्कर्म मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने 21 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। बरी किए गए आरोपियों में पूर्व मंत्री के भाई गुड्डू गुप्ता, पटमदा के पूर्व डीएसपी अजय केरकेट्टा और एमजीएम थाना के पूर्व प्रभारी इमदाद अंसारी समेत अन्य लोग शामिल हैं. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रकाश झा, गौरव पाठक, प्रमोद सिंह बुंदेला और संजय मुखर्जी ने अदालत में पक्ष रखा। अधिवक्ताओं के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं हो सके, जिसके बाद अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। बचाव पक्ष का कहना है कि 19 आरोपी नियमित रूप से अदालत में उपस्थित होते रहे, जबकि शाहिद और मकसूद के फरार होने की बात कही गई है।

2019 में दर्ज हुआ था मामला……
उल्लेखनीय है कि 18 जनवरी 2019 को पीड़िता की मां के बयान पर मानगो थाने में पॉक्सो अधिनियम के तहत सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में दुष्कर्म, वीडियो बनाकर धमकाने और जबरन देह व्यापार कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मामले में मुख्य आरोपी इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो और श्रीकांत महतो को अदालत पहले ही 25-25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुना चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इंद्रपाल सैनी और शिव कुमार महतो जेल में हैं, जबकि श्रीकांत महतो जमानत पर है. मुख्य आरोपियों को सजा सुनाए जाने के बाद पीड़िता और उसके संरक्षक के बयानों के आधार पर अन्य 21 लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया गया था। अब विशेष पॉक्सो अदालत ने इन 21 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।