सरायकेला-खरसावां : आदित्यपुर के चर्चित ज्वेलरी लूटकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब तीन साल से फरार चल रहे आरोपी सुरेश राय को पुलिस ने बिहार के वैशाली जिले से गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर 26 अक्टूबर 2026 को बिदुपुर थाना क्षेत्र के कंचनपुर में छापेमारी कर उसे पकड़ा गया। इस मामले में गिरोह के चार अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
### हथियार के बल पर 30 लाख का सोना लूटने का आरोप…….
पुलिस के अनुसार, घटना 6 अगस्त 2023 की है। आदित्यपुर थाना क्षेत्र में लाल बिल्डिंग के पास स्थित ईश्वर लाल ज्वेलर्स में अपराधियों ने हथियार के बल पर लूटपाट की थी। इस दौरान दुकान से करीब 545 ग्राम सोना लूट लिया गया था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई गई थी। मामले में आदित्यपुर थाना कांड संख्या 243/2023 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी. अनुसंधान के दौरान पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से वारदात में इस्तेमाल हथियार, लूटा गया सोना और सोना बेचने से मिली रकम बरामद की थी। हालांकि, सुरेश राय लगातार फरार चल रहा था।
### पटना, मुंबई और दिल्ली में भी छिपने की जानकारी…….
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 26 वर्षीय सुरेश राय उर्फ नायडु यादव उर्फ सुरेश उर्फ लेढु के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। उसने पटना, मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में भी शरण ली थी। पुलिस पिछले चार-पांच महीनों से बिहार के वैशाली जिले में उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही थी. पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कंचनपुर में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने लूटकांड में अपनी और अन्य आरोपियों की संलिप्तता स्वीकार की है।
### अन्य मामलों में भी संलिप्तता की जांच……
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ अवैध शराब कारोबार, मारपीट, अपहरण और आर्म्स एक्ट समेत अन्य मामलों में भी आरोप दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अंजनी कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक असलम अंसारी, सहायक अवर निरीक्षक धर्मराज कुमार और टाइगर मोबाइल के जवान दीपक कुमार शामिल थे। लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी को इस चर्चित लूटकांड की जांच में अहम सफलता माना जा रहा है।


