सरायकेला-खरसावां : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गम्हरिया थाना परिसर में न्याय की गुहार लगाने पहुंची एक महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, मुख्य आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घरेलू विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी महिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गम्हरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला गुरुवार को पारिवारिक विवाद से परेशान होकर शिकायत दर्ज कराने और न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंची थी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि थाने में ड्यूटी पर तैनात आरक्षी नीरज लकड़ा ने थाना परिसर के एक कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया।
SIT गठित, घटनास्थल वाले कमरे को किया गया सील
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गीयारी के निर्देश पर सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। शुक्रवार देर रात एसडीपीओ पुलिस टीम के साथ गम्हरिया थाना पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संबंधित कमरे को सील कर दिया गया है।
थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
एसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गम्हरिया थाना प्रभारी संजय प्रसाद, सब इंस्पेक्टर मनोज साहू, अनिरुद्ध सिंह और आरक्षी संतोष राय को लापरवाही एवं कर्तव्य में चूक के आरोप में निलंबित कर दिया है। वहीं, आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
FIR दर्ज, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने बताया कि पीड़िता के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष अनुसंधान किया जाएगा तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। थाना परिसर के भीतर सामने आए इस गंभीर आरोप ने पुलिस व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें SIT की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।



