जमशेदपुर : जिंदगी की दहलीज पर अभी ठीक से कदम भी नहीं रख पाई थी कि मौत ने उसे अपनी आगोश में ले लिया। जन्मजात हृदय रोग से जूझ रही दो माह की मासूम रिद्धि राय आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई। जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल में सोमवार देर शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, आदित्यपुर निवासी आशुतोष कुमार की दो माह की बेटी रिद्धि राय की 25 अक्टूबर को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन उसे तत्काल एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विभाग लेकर पहुंचे। वहां करीब दो घंटे तक इलाज कराने के बाद वे बच्ची को घर ले गए। लेकिन अगले ही दिन यानी 26 अक्टूबर को उसकी हालत अचानक और बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उसे लेकर दोबारा एमजीएम अस्पताल पहुंचे।
बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बिना देर किए उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। हालत गंभीर होने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और जीवन बचाने के लिए इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटी रही, लेकिन मासूम की सेहत में कोई सुधार नहीं हो सका. चिकित्सकों के अनुसार, रिद्धि जन्म से ही हृदय संबंधी गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। अस्पताल पहुंचने के समय भी उसकी हालत बेहद नाजुक थी। तमाम चिकित्सकीय प्रयासों और जीवनरक्षक उपायों के बावजूद सोमवार देर शाम उसने दम तोड़ दिया।
घर में गूंजी किलकारियां, अब पसरा सन्नाटा…..
महज दो माह की उम्र में मासूम की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में कुछ दिन पहले तक बच्ची की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब मातम और अपनों के बिछड़ने का दर्द है। एक मासूम जिंदगी के इस तरह खत्म होने से परिजनों का दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल है।




