धनबाद : शहादत के साये में जन्मी एक नन्ही ज़िंदगी ने पूरे परिवार को गम और गर्व, दोनों का अहसास एक साथ करा दिया। ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए फौजी राम बाबू की पत्नी कुमारी अंजली ने बुधवार शाम पौने चार बजे धनबाद के हाउसिंग कॉलोनी स्थित नर्सिंग होम में एक पुत्री को जन्म दिया। बेटी की किलकारियों ने परिवार में खुशियां तो भर दीं, लेकिन हर कोई यही कह रहा था काश आज राम बाबू हमारे बीच होते।

अंजली की आंखों में खुशी के साथ-साथ आंसू भी थे, उन्होंने भावुक होकर कहा मेरे पति को हमेशा बेटी की ख्वाहिश थी, वह कहते थे कि हमारी संतान पुत्री ही होगी, आज भगवान ने उनकी बात सुन ली और उनकी अंतिम इच्छा पूरी कर दी। पिछले वर्ष दिसंबर में दोनों ने प्रेम विवाह किया था, विवाह के कुछ ही महीनों बाद देश की सेवा करते हुए राम बाबू शहीद हो गए, उस समय अंजली गर्भवती थीं और मायके जियलगोड़ा (धनबाद) में रह रही थीं। राम बाबू मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के बड़हरिया प्रखंड के वसीलपुर गांव के निवासी थे। पति की शहादत पर गर्व जताते हुए अंजली ने कहा मेरे पति फौज में थे, देश की सेवा करते थे, मैं भी फौज में जाकर देश की सेवा करना चाहती हूं और अपनी बेटी को भी उसी राह पर ले जाना चाहती हूं। अपनी बेटी का नाम तय करते हुए उन्होंने कहा मैं अपनी पुत्री का नाम राम्या रखूंगी, यह मेरे पति की सबसे खूबसूरत निशानी है।
