लोकतंत्र सवेरा : केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है, जिससे लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। यह वेतन आयोग लगभग 18 महीने में अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा, और इसके बाद सैलरी स्ट्रक्चर, भत्ते और पेंशन में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, इस फैसले से कर्मचारियों की सैलरी में लगभग 30-34% तक वृद्धि हो सकती है और इसे संभवतः 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा। आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। इस निर्णय से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के जीवन में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है, विशेष रूप से दिवाली और छठ पूजा के बाद यह एक बड़ा तोहफा माना जा रहा है।

आठवें वेतन आयोग से कब तक और कितनी सैलरी बढ़ सकती है……
आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें संभवतः 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी और इसका असर लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। सैलरी बढ़ोतरी मुख्य रूप से फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी, जो सातवें वेतन आयोग में 2.57 था। आठवें आयोग में यह फिटमेंट फैक्टर लगभग 1.86 से 3.42 के बीच रहने की संभावना है।
न्यूनतम बेसिक वेतन वर्तमान में ₹18,000 से ₹19,900 के बीच है, जिसे बढ़ाकर लगभग ₹26,000 से ₹44,280 तक किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि फिटमेंट फैक्टर 3.0 माना जाए, तो बेसिक सैलरी ₹19,900 से बढ़कर ₹59,700 तक पहुंच सकती है। इससे लेवल 18 के कर्मचारियों की वेतन सीमा ₹2.5 लाख से बढ़कर ₹6.15 लाख तक हो सकती है।
महंगाई भत्ता (डीए) नए बेसिक वेतन में जोड़ दिया जाएगा, जिसके कारण डीए शून्य से शुरू होगा। इसकी वजह से कुल वेतन में तुरंत पूरा इजाफा न भी दिखे तो बाद में डीए बढ़ने पर कुल सैलरी में वृद्धि होगी।
सारांश में, आठवें वेतन आयोग से कर्मचारी सैलरी में 30% से लेकर 80% तक की बढ़ोतरी हो सकती है और इसे 2026 की शुरुआत से लागू किया जाएगा। सटीक बढ़ोतरी आयोग की रिपोर्ट में फिटमेंट फैक्टर और अन्य भत्तों के निर्धारण के बाद ही स्पष्ट होगी।
