राँची : झारखंड स्थापना दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर लोहरदगा में जिलास्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी विरासत को याद किया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में आए नतीजे जनता के जनादेश से अधिक “चुनाव आयोग के जनादेश” जैसे प्रतीत हो रहे हैं। मंत्री ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि 20 वर्षों तक सत्ता में रहने वाली पार्टी के खिलाफ किसी तरह की विरोध लहर दिखाई नहीं दी, जबकि चुनाव प्रचार के दौरान बिहार में जो माहौल उन्होंने देखा था, वह परिणामों में बिल्कुल नहीं झलकता।

मंत्री ने कहा कि वे स्वयं चुनावी प्रचार के दौरान बिहार गई थीं और जनता में जो भावनाएँ देखीं, वह पूरी तरह भिन्न थीं। “हमने जमीन पर जो देखा, वही असली स्थिति थी, लेकिन नतीजे उससे बिल्कुल उलट हैं,” उन्होंने कहा। एनडीए पर निशाना साधते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि गठबंधन ने “एसी कमरे में बैठकर” चुनाव लड़ा और जोड़-तोड़ की राजनीति के सहारे परिणाम को प्रभावित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कई संवैधानिक संस्थाओं का किस तरह सहयोग रहा, यह किसी से छिपा नहीं है। यदि लोकतंत्र में इस प्रकार का हस्तक्षेप जारी रहा, तो यह देश और राज्य दोनों के लिए बेहद अशुभ संकेत हैं। मंत्री ने चेतावनी दी कि लोकतंत्र का हनन किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता और इसके दुष्परिणाम भविष्य में गंभीर रूप से सामने आ सकते हैं।

