धनबाद : IIT (ISM) धनबाद ने अपने गौरवशाली इतिहास का 100वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से मनाया। संस्थान ने अपनी शताब्दी वर्ष की यात्रा को याद करते हुए इंजीनियरिंग, अर्थ विज्ञान, ऊर्जा शोध और तकनीकी नवाचार में दिए गए योगदान को उजागर किया। पेनमैन ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी थे। यह कार्यक्रम सेंचुरी फाउंडेशन वीक के समापन अवसर पर आयोजित किया गया, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा ने किया था।

गौतम अडानी ने अपने संबोधन में भारत की आत्मनिर्भरता और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि आज का भारत प्राकृतिक संसाधनों और ऊर्जा प्रणालियों के आधार पर अपनी विकास रणनीति खुद तय कर रहा है। उन्होंने भारत के विकास में IIT (ISM) की भूमिका को अहम बताते हुए इसे “दूसरे स्वतंत्रता संग्राम” के रूप में परिभाषित किया। अडानी ने 50 वार्षिक पेड इंटर्नशिप और प्री-प्लेसमेंट ऑफर की घोषणा की, साथ ही TEXMiN के सहयोग से Adani 3S Mining Excellence Centre की स्थापना भी की गई।
IIT (ISM) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रो. प्रेम व्रत ने संस्थान की सौ वर्ष की यात्रा को प्रेरणादायक बताते हुए इसे खनन स्कूल से वैश्विक बहुविषयक संस्थान बनने की कहानी कहा। निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि IIT (ISM) ने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी जागृति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और आने वाले वर्षों में भी देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
समारोह में संस्थान की यात्रा पर आधारित एक विशेष फिल्म दिखाई गई, जिसके बाद उत्कृष्टता के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले छात्रों और शोधकर्ताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन डिप्टी डायरेक्टर प्रो. धीरज कुमार के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।IIT (ISM) धनबाद अब आने वाले सौ वर्षों में देश के लिए वैज्ञानिक, तकनीकी और नवाचार आधारित नेतृत्व तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।
