रांची : झारखंड पुलिस विभाग में प्रशासनिक पारदर्शिता और सेवा नियमों के सख्त अनुपालन की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने राज्य के सभी थानों में मुंशी पद पर प्रतिनियुक्त झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) और स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन (SIRB) के 212 जवानों की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।



सेवा नियमों के विरुद्ध थी प्रतिनियुक्ति…..
डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि थानों में मुंशी पद पर JAP, IRB और SIRB के जवानों की तैनाती सेवा नियमों के अनुरूप नहीं थी, इसलिए पुलिस मुख्यालय की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर इन सभी प्रतिनियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया।
पूर्व में उठी थीं आपत्तियां……
गौरतलब है कि यह प्रतिनियुक्ति पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के कार्यकाल में की गई थी।
29 सितंबर 2025 को राज्य के विभिन्न जिलों के थानों में कुल 212 जवानों को मुंशी पद पर पदस्थापित किया गया था।
इससे पहले जुलाई 2025 में 89 महिला सिपाहियों को महिला थानों में इसी प्रकार तैनात किया गया था।
इन नियुक्तियों को लेकर पुलिस विभाग के भीतर ही गंभीर आपत्तियां सामने आई थीं।
एडीजी प्रिया दुबे ने दर्ज कराई थी औपचारिक आपत्ति…..
झारखंड पुलिस की अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रिया दुबे ने स्पष्ट किया था कि थानों में मुंशी पद पर पदस्थापन का अधिकार जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को होता है, न कि सीधे पुलिस मुख्यालय को।
उन्होंने इस संबंध में 2 अक्टूबर 2025 को डीआईजी (कार्मिक) को पत्र लिखकर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी।
एडीजी प्रिया दुबे ने यह भी कहा था कि JAP, IRB और SIRB के जवानों की तैनाती या तबादले के लिए एक निर्धारित समिति की अनुशंसा अनिवार्य है, जिसके बिना कोई आदेश जारी नहीं किया जा सकता।
गहन समीक्षा के बाद लिया गया फैसला….
वर्तमान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पदभार संभालने के बाद पूरे मामले की गहन समीक्षा कराई। समीक्षा में यह निष्कर्ष निकला कि पूर्व में जारी प्रतिनियुक्ति आदेश नियमसम्मत नहीं थे, इसी आधार पर उन्हें रद्द करने का निर्णय लिया गया।
प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम……
इस फैसले को झारखंड पुलिस विभाग में प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के सख्त अनुपालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस मुख्यालय ने संकेत दिया है कि आगे किसी भी प्रकार की पदस्थापना या प्रतिनियुक्ति सेवा नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही की जाएगी।
