जमशेदपुर : शहर में निजी विद्यालयों द्वारा लगातार बढ़ाई जा रही फीस, री-एडमिशन शुल्क एवं किताबों में बार-बार बदलाव को लेकर मंगलवार को जमशेदपुर टाइगर क्लब की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता क्लब अध्यक्ष Azad Giri ने की। इस दौरान अभिभावकों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए राज्य सरकार से निजी स्कूलों पर नियंत्रण के लिए सख्त नीति बनाने की मांग उठाई गई।



बैठक में मौजूद अभिभावकों ने आरोप लगाया कि निजी विद्यालय हर वर्ष मनमाने तरीके से फीस में वृद्धि कर रहे हैं और पाठ्य पुस्तकों में अनावश्यक बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे मध्यमवर्गीय एवं आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। अभिभावकों ने कहा कि एक ही कक्षा के लिए हर साल नई किताबें खरीदने की बाध्यता से अभिभावक परेशान हैं।
इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी तैयार किया गया, जिसमें CBSE, ICSE एवं राज्य बोर्ड के स्कूलों में एक समान पुस्तक व्यवस्था लागू करने तथा अनावश्यक शुल्क वृद्धि पर नियंत्रण लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी की जाए, ताकि अभिभावकों का आर्थिक शोषण रोका जा सके।
बैठक में बताया गया कि पिछले कुछ महीनों में जमशेदपुर के कई निजी स्कूलों के खिलाफ फीस वृद्धि और किताब खरीद को लेकर लगातार शिकायतें सामने आई हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि शिक्षा को व्यापार नहीं बनने दिया जाएगा और अभिभावकों के हित में आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। क्लब अध्यक्ष आज़ाद गिरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो बड़े स्तर पर जनआंदोलन चलाया जाएगा।



