एक वर्ष से अधिक समय बाद भी अभियोजन स्वीकृति लंबित होने का दावा, DGP सहित कई अधिकारियों को भेजा गया आवेदन, शिकायतकर्ता ने न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने का लगाया आरोप
जमशेदपुर/राउरकेला : करीब एक वर्ष से अधिक समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे राउरकेला निवासी अंकित अग्रवाल ने अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता द्वारा भेजे गए आवेदन पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को मामले में उचित कार्रवाई (Appropriate Action) करने का निर्देश जारी किया है। इसके साथ ही अंकित अग्रवाल ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी मामले में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमशेदपुर में पदस्थापित रहे ASI बालमुकुंद वर्मा के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक अभियोजन स्वीकृति (Sanction for Prosecution) की मांग पिछले एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है। उनका कहना है कि इस संबंध में उन्होंने कई आवेदन, रिमाइंडर तथा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत जानकारी मांगी, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
कई स्तरों पर किया पत्राचार…..
अंकित अग्रवाल के अनुसार उन्होंने 23 मई 2025 एवं 24 जून 2025 को संबंधित अधिकारियों के समक्ष अभियोजन स्वीकृति देने की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने कोल्हान प्रक्षेत्र के DIG को भी स्मार-पत्र सौंपा तथा बाद में पुनः आवेदन देकर मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि DIG कार्यालय द्वारा विभिन्न पत्रों के माध्यम से तत्कालीन वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), जमशेदपुर को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आज तक किसी कार्रवाई या जांच के निष्कर्ष की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
RTI के बाद भी नहीं मिला स्पष्ट जवाब……
अंकित अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत SSP एवं DIG कार्यालय से मामले की प्रगति की जानकारी मांगी, लेकिन वहां से भी कोई स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। उनका आरोप है कि पूरा मामला अब भी फाइलों में लंबित पड़ा हुआ है, जिससे उन्हें न्याय मिलने में लगातार विलंब हो रहा है।
न्यायालय की कार्यवाही भी प्रभावित होने का दावा……
आवेदन में कहा गया है कि अभियोजन स्वीकृति लंबित रहने के कारण वाद संख्या C1-1275/2023 की सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है तथा उन्हें समय पर न्याय मिलने में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है।
DGP से त्वरित हस्तक्षेप की मांग……
30 अप्रैल 2026 को झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिए गए आवेदन में अंकित अग्रवाल ने अनुरोध किया है कि लंबित आवेदनों, रिमाइंडर एवं संबंधित पत्राचार पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अभियोजन स्वीकृति के संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि न्यायालय में लंबित मामले की सुनवाई आगे बढ़ सके।
गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को भेजा पत्र……
शिकायतकर्ता के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भेजी गई शिकायत पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को उचित कार्रवाई (Appropriate Action) करने के लिए पत्र प्रेषित किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि गृह मंत्रालय से पत्र जारी होने के बाद उन्हें उम्मीद है कि संबंधित विभाग अब मामले में आवश्यक निर्णय लेकर कार्रवाई करेगा।
कई वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि…….
अंकित अग्रवाल ने बताया कि उनके आवेदन की प्रतिलिपि भारत सरकार के गृह मंत्रालय, झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP), पुलिस महानिरीक्षक (IG), कोल्हान प्रक्षेत्र के उप महानिरीक्षक (DIG) तथा वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), जमशेदपुर को भी भेजी गई है, ताकि मामले में शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
नोट : यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री, गृह मंत्रालय एवं पुलिस महानिदेशक को दिए गए आवेदन तथा उपलब्ध पत्राचार के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के हैं। संबंधित पुलिस अधिकारियों अथवा अन्य सक्षम प्राधिकार का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।

