जमशेदपुर। बागबेड़ा थाना क्षेत्र के कॉलोनी रोड नंबर-3, ब्लॉक संख्या 98/2/3 में प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद में गंभीर रूप से घायल 28 वर्षीय आशीष कुमार की इलाज के दौरान पटना में मौत हो गई। घटना के बाद गंभीर हालत में आशीष को पहले जमशेदपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए पटना ले गए, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया. आशीष मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर, देवी सराय का रहने वाला था। उसके पिता का नाम मोहन प्रसाद बताया गया है। पटना स्थित रुबान मेमोरियल अस्पताल में आशीष का इलाज चल रहा था। अस्पताल की ओर से जारी मृत्यु के कारण संबंधी चिकित्सा प्रमाणपत्र में कथित शारीरिक हमले से जुड़ी चोटों के साथ कई गंभीर चिकित्सकीय जटिलताओं का उल्लेख किया गया है। प्रमाणपत्र में कई पेल्विक हड्डियों में फ्रैक्चर, फेफड़ों से संबंधित गंभीर समस्या, संक्रमण, गुर्दे की कार्यक्षमता प्रभावित होने और प्लेटलेट्स की संख्या कम होने जैसी स्थितियों का उल्लेख है। मृत्यु के तरीके के कॉलम में मामला जांच लंबित रहने की स्थिति में दर्ज किया गया है।


घटना बीते 29 जुलाई सुबह 9 बजे की है। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह करीब नौ बजे संबंधित मकान से शोर-शराबे की आवाज सुनाई दी। इसके बाद आसपास के लोगों ने बागबेड़ा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर आशीष गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में मिला। पुलिस ने उसे तत्काल बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। बाद में परिजन उसे पटना लेकर चले गए. घटना के पीछे प्रेम संबंध को लेकर विवाद की बात सामने आई है। आशीष ने पुलिस और लोगों के समक्ष दावा किया था कि बागबेड़ा निवासी एक युवती के साथ उसका करीब डेढ़ वर्ष से प्रेम संबंध था। उसका आरोप था कि युवती के कहने पर वह उसके साथ रह रहा था। आशीष ने यह भी दावा किया था कि कुछ समय पहले जब वह किसी काम से बाहर गया था, तब युवती कथित तौर पर कमरे से दो लाख रुपये नकद, स्कूटी और अन्य सामान लेकर चली गई थी। इसके बाद युवती के फोन करने पर वह दोबारा जमशेदपुर आया था।
आशीष के अनुसार बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे वह युवती के घर पहुंचा था। उसका आरोप था कि वहां युवती के माता-पिता और अन्य लोगों ने उसे घर के अंदर बंद कर दिया तथा उसके साथ मारपीट की। मारपीट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह बेहोश हो गया था। आशीष ने यह भी कहा था कि उसके मोबाइल फोन में बैंक लेन-देन, बातचीत और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं. मृतक ने यह आरोप भी लगाया था कि युवती के कहने पर उसने उसके नाम से बुलेट मोटरसाइकिल और स्कूटी फाइनेंस कराई थी। इन वाहनों की किस्तों का भुगतान भी उसके द्वारा किए जाने की बात कही गई थी। उसने अपने मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों को मामले की जांच के लिए महत्वपूर्ण बताया था।
दूसरी ओर, युवती के पिता ने आशीष के आरोपों से अलग पक्ष रखते हुए उस पर उनकी पुत्री के कमरे में घुसकर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि इसी बात को लेकर विवाद हुआ। युवती और उसके परिजनों ने मामले पर विस्तृत रूप से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. आशीष की मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। अस्पताल के चिकित्सा प्रमाणपत्र में दर्ज चोटों और अन्य चिकित्सकीय स्थितियों को देखते हुए अब पुलिस की जांच में घटना के वास्तविक कारण और मारपीट की परिस्थितियों पर विशेष ध्यान रहेगा। पुलिस घटनास्थल की स्थिति, दोनों पक्षों के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी, चिकित्सकीय दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सकती है।
आशीष के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही उसके मोबाइल फोन में मौजूद बातचीत, बैंक लेन-देन और अन्य डिजिटल सामग्री की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग भी की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने इस मामले एक व्यक्ति में गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है।
